संदिग्धों द्वारा अब पहाड़ी युवाओं को गुमराह कर उन्हें बरगलाने की साजिश की जा रही है। सेना के संदर्भ में कुछ फर्जी फैसलों के जरिए सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं देकर उन्हें गुमराह किया जा रहा है, ताकि पहाड़ी युवाओं के दिलों में कटुता की भावना पैदा हो और क्षेत्रवाद को बढ़ावा मिले। लेकिन सेना के एक विशेष विंग ने संदिग्ध लोगों की इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए अपील की है कि युवा इस तरह की किसी भी साजिश का शिकार होकर गुमराह न हो।
यूं बरगलाया जा रहा
सोशल मीडिया पर कुछ संदिग्धों ने हिमाचली युवाओं को बधाई देते हुए बताया कि सेना की हिमाचल रेजीमेंट को मंजूरी मिल गई है। 20 साल बाद हिमाचली युवाओं का सपना पूरा हो गया है। इस रेजीमेंट का हेडक्वार्टर कांगड़ा में होगा। इसमें हिमाचल समेत अन्य पहाड़ी प्रांतों के युवा ही भर्ती होंगे जबकि सैन्य अधिकारी सीधी परीक्षा से आएंगे। सिपाही से लेकर सूबेदार तक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों व पंजाब के पठानकोट से भर्ती किए जाएंगे। पठानकोट में भी सिर्फ पठानकोट तहसील के युवाओं को मौका मिलेगा।