राफेल डील को लेकर कांग्रेस और मोदी सरकार के बीच शुरू हुई जंग में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ भी उतर आए और बड़ा बयान दे दिया। उन्होंने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए कहा कि राफेल की खरीद में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। एयर चीफ मार्शल बीएस धनोसा वीरवार को आदमपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान इसे बेस्ट डील करार दिया।
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने फ्रांस की कंपनी से 58,000 करोड़ (7.8 अरब यूरो) में 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया है। यह टैक्स देने वाले लोगों की कमाई है। वर्ष 2012 में यूपीए सरकार ने फ्रांस से एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए जितने में समझौता किया था, उससे तीन गुना ज्यादा रकम देकर मोदी सरकार एयरक्राफ्ट खरीद रही है।
इस डील में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का समझौता भी हुआ था। कांग्रेस का तर्क था कि केंद्र सरकार सिर्फ एक इंडस्ट्रियल ग्रुप रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को क्यों फायदा पहुंचा रही है। इस कंपनी ने फ्रांस की डसाल्ट एविएशन के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का निवेश किया है। फ्रांस से राफेल की टेक्नोलॉजी जो भारत को दी जाएगी, वह अब रिलायंस कंपनी के माध्यम से दी जाएगी।
इसे लेकर अभी केंद्र सरकार की ओर से पक्ष नहीं आया था कि एयर चीफ मार्शल बीएस धनोला ने राफेल डील में केंद्र सरकार व कांग्रेस से बीच खड़े होकर साफ किया है कि उनको रिलायंस के बारे में तो पता नहीं है, लेकिन राफेल की डील में कोई अधिक पैसा अदा नहीं किया जा रहा है। हालांकि धनोआ यह स्पष्ट नहीं कर सके कि केंद्र सरकार राफेल डील में कितना पैसा अदा करने जा रही है।