चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इंक्यूबेटर्स और स्टार्टअप को तीन किश्तों में प्रशासन से ग्रांट मिलेगी। स्टार्टअप को यह ग्रांट तब मिलेगी जबकि स्टार्टअप यूटिलिटी सर्टिफिकेट दिखाएंगे। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए दी गई ग्रांट के बाद सभी स्टार्टअप अपने प्रोजेक्ट में तेजी के साथ जुट गए हैं।
इंडस्ट्री के अधिकारी का कहना है कि इसका उद्देश्य स्टार्टअप की स्किल्स को तय समय में बूस्ट करना है। इंक्यूबेटर्स को उनके साथ इस वजह से जोड़ा गया है जिससे वह एक योजना के अनुसार काम कर सकें और आने वाले समय में अपने प्रोडक्ट को अगले चरण में ले जाएं। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा चंडीगढ़ के चार इंक्यूबेटर्स और 8 स्टार्टअप के बीच 2.03 करोड़ रुपये की ग्रांट बांटी गई थी।
चंडीगढ़ इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के अधिकारी ने बताया कि स्टार्टअप्स के लिए शुरू की गई इस ग्रांट की दूसरी किश्त तभी दी जाएगी जब स्टार्टअप अपनी पहले चरण में अनुदान द्वारा किए गए कार्यों की रिपोर्ट देगा। इसमें पहले चरण के काम का सारा विवरण होगा। इसके बाद इंक्यूबेटर द्वारा स्टार्टअप को एक यूटिलिटी सर्टिफिकेट दिखाया जाएगा और फिर दूसरी किश्त रिलीज होगी।
स्टार्टअप कर रहे हैं आवेदन
इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के अनुसार अब स्टार्टअप इस स्कीम में आवेदन करना शुरू कर चुके हैं। अभी कुछ लोगों ने ही आवेदन किया है लेकिन इसको अलग अलग माध्यमों से फैलाया जा रहा है, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह पहुंच सके।