जिक्रयोग है कि नन ने 29 जून को बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने बिशप से सिर्फ एक बार पूछताछ की है, जबकि पीड़िता से कई बार पूछताछ की जा चुकी है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि बिशप ने 2014 में उन्हें कुछ आधिकारिक मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाया था, वहां जाने के बाद उससे बलात्कार किया गया।
इतना ही नहीं अगले दो साल तक उन्होंने कथित रूप से 13 बार रेप किया। बिशप के समर्थक और केरल के कोट्टायम से निर्दलीय विधायक पीसी जॉर्ज ने शनिवार को रेप पीड़िता नन के खिलाफ एक विवादित टिप्पणी की थी।
पीड़ित नन को केरल के लोगों से जबरदस्त समर्थन मिला है। कई संगठन भी इनका समर्थन कर रहे हैं, जिसमें संयुक्त ईसाई परिषद, केरल कैथोलिक रेनेवल आंदोलन, केरल लैटिन कैथोलिक एसोसिएशन और सिरो मलाबार के पादरी भी शामिल हैं, लेकिन कई राजनीतिक दलों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
जालंधर में जोरदार प्रदर्शन, बिशप हाउस पुलिस छावनी में तबदील
नन के साथ बलात्कार के मामले में जहां केरल में विरोध प्रदर्शन जारी है, वहीं जालंधर में भी बुधवार को यह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। जालंधर में जनवादी स्त्री सभा ने इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की गई है, जिसमें भारी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। महिलाओं ने बुधवार को पहले देश भगत यादगार हॉल में एक मीटिंग की। जिसके बाद उन्होंने देश भगत यादगार हॉल से एक मार्च निकालते हुए बिशप हाउस पहुंचने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने इन्हें बिशप हाउस पहुंचने से पहले रोक लिया।