रेत खनन विवाद में घिरने के बाद पंजाब में मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले राणा गुरजीत की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही। आयकर विभाग की टीम ने राणा गुरजीत के परिवार द्वारा चंडीगढ़ और पंजाब में संचालित करीब 10 कारोबारी ठिकानों पर शुक्रवार सुबह एक साथ दबिश दी। आयकर विभाग के इस सर्वे ऑपरेशन में 70 गाड़ियों में लगभग 250 अधिकारी थे। ये टीमें देर रात तक दस्तावेज खंगालती रहीं।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे यह सर्वे आपरेशन चंडीगढ़ में सेक्टर-17, सेक्टर-8, सेक्टर-4 के साथ ही अमृतसर और कपूरथला स्थित ठिकानों पर एक साथ शुरू हुआ। आयकर विभाग की टीम जब चंडीगढ़ के सेक्टर-8 स्थित राणा ग्रुप ऑफ कंपनीज के हेडक्वार्टर में पहुंची तो दो पुलिसकर्मियों को बाहर तैनात कर दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही कंपनी के आला अधिकारी ऑफिस पहुंच गए। हालांकि किसी भी व्यक्ति को कार्यालय परिसर में जाने की इजाजत नहीं दी गई।
सेक्टर-8 में ही स्थित राणा गुरजीत के बेटे के बिजनेस पार्टनर के ऑफिस पर भी आयकर की टीम ने दबिश देकर कई दस्तावेज जांचे। गौरतलब है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-8 में राणा ग्रुप आफ कंपनीज के तीन कंपनियों के कार्यालय हैं। इनमें राणा शुगर लिमिटेड, राणा पॉलीकॉट लिमिटेड, राणा इंफॉरमेटिक्स लिमिटेड हैं।
कई दस्तावेज लिए कब्जे में
सर्वे की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। दोपहर में यहां एक गाड़ी से खाना आया। आयकर अधिकारियों की टीम ने दो एससीओ में बनाए गए राणा ग्रुप आफ कंपनीज के इस हेडक्वार्टर में कई दस्तावेजों, कंप्यूटर आदि की जांच की। अधिकारियों ने कई दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है।
इसके अतिरिक्त आयकर का यह सर्वे आपरेशन चंडीगढ़ स्थित दो अन्य ठिकानों में किया गया। चंडीगढ़ में सर्वे की यह कार्रवाई लुधियाना की आयकर टीम के माध्यम से की गई। गौरतलब है कि राणा गुरजीत ने पिछले माह ही एक जांच के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
इसलिए पड़े छापे
पिछले साल पंजाब मे रेत खनन की नीलामी में सफल रहने वाली फर्म ने करोड़ों की बोली लगाई थी। इस संबंध में विपक्ष ने राणा गुरजीत पर आरोप लगाए थे कि उन्होेंने अपने कुक और पूर्व कर्मचारियों के नाम पर ये ठेके लगाए थे। इसके बाद राणा गुरजीत ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
सूत्रों के मुताबिक अब आयकर अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ठेकों के लिए फंडिंग किस तरीके से की गई। आयकर अधिकारी रेत खनन ठेके लेने के संबंध में कंपनी के चार्टर्ड अकांउंटेंट और राणा गुरजीत के दोस्त बताए जाने वाले कैप्टन जेएस रंधावा की भूमिका की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि सीए और रंधावा के बेटे ठेके लेने वाली फर्म में पार्टनर हैं।
सीए के ठिकाने पर भी सर्वे
सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग की टीम ने राणा गुरजीत के परिवार के व्यवसाय का लेखा जोखा संभालने वाले एक चार्टर्ड अकांउंटेंट के ठिकाने पर भी सर्वे किया। उनसे काफी देर तक पूछताछ की गई।