देश में सबसे ऊंचे रावण के दहन के वक्त पुतला अनियंत्रित होकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर जा गिरा। हादसे से गाड़ी चालक बुरी तरह घायल हो गया वहीं मेले में भगदड़।
दरअसल हादसा तब हुआ जब हरियाणा के बराड़ा में देश में सबसे ऊंचे रावण के दहन के वक्त वीरवार को 210 फीट का रावण धू-धू जलते हुए अचानक ही अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरा। जबकि रावण अनियंत्रित न हो इसके लिए उसे बड़ी-बड़ी लोहे की तारों से बांधकर खड़ा किया जाता है।
लेकिन वीरवार देर शाम दहन के वक्त रावण अचानक ही पीछे की ओर खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर जा गिरा। इससे फायर ब्रिगेड की गाड़ी जहां खासी क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं चालक संदीप कुमार बुरी घायल हो गया। उसे तुरंत वहां से अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। लेकिन जाम की वजह से घायल चालक भी काफी देर बाद अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल चालक की हालत सामान्य बताई जा रही है।
इस घटना से जहां मेले में एकदम से हड़कंप की स्थिति मच गई, वहीं रावण के गिरने की घटना से एकदम वहां भगदड़ भी शुरू हो गई। मगर गनीमत ये रही कि इस भगदड़ में बड़ी जानमाल की हानि नहीं हुई।
आतिशबाजी के धमाके से पुतला बुरी तरह हिल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दरअसल, रावण का पुतला बिल्कुल ठीक-ठाक खड़ा था। लेकिन जब दहन हुआ और रावण में आतिशबाजी के धमाके होने लगे तो रावण के पुतले के भीतर लगे लोहे की पाइपनुमा ढांचा अचानक बुरी तरह हिल गया।
इस ढांचे को आतिशबाजी के दौरान सहारा देने और सटीक खड़ा रखने के लिए हालांकि वहां पुतले के चारों ओर लोहे की रस्सियां बांधी जाती है, उसमें से एक रस्सी अचानक धमाके की वजह से ढीली हो गई और उसी वजह से रावण का पुतला अनियंत्रित होकर पीछे की ओर खड़ी फायर ब्रिगेड पर जा गिरा।
हालांकि फायर ब्रिगेड के आसपास भी काफी लोग खड़े थे, लेकिन रावण के पुतले को अचानक डोलने और अपनी ओर गिरता देख सभी लोग वहां से भाग खड़े हुए, लेकिन गाड़ी का चालक उसकी चपेट में आ गया। श्रीरामलीला क्लब बराड़ा के आयोजकों का कहना है कि हादसे में कोई हताहत नहीं है। उनके अनुसार वे भी हैरान हैं कि ऐसा किस तरह हो गया। दरअसल, आज तक मेले में रावण के गिरने की घटना सामने नहीं आई है।
दोपहर से देर रात तक रहा बराड़ा में जाम: बराड़ा में दशहरा मेले और देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतले के दहन का नजारा देखने को उमड़ी लोगों की भीड़ को बराड़ा में काफी बद इंतजामी और परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां अंबाला समेत दूसरे शहरों से भी लोग मेले को देखने पहुंचे हुए थे।
आलम यह रहा कि यहां दोपहर तीन बजे से ही जाम की स्थिति बननी शुरू हो गई। दोपहर से लेकर देर रात तक जाम ही जाम रहा। बराड़ा थाना भी जाम की जद में आ गया। थाने के आगे भी करीबन दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिस वजह से जाम से छुटकारा पाने में खुद पुलिस भी बेबस दिखाई दी।