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Video: पठानकोट में पहली बार सेना का संयुक्त अभ्यास, आर्मी, पंजाब पुलिस, BSF, CRPF और घातक कमांडो ने दिखाई ताकत

Sun, 04 Jan 2026 11:33 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो सूरज प्रकाश, पठानकोट

सार

1 जनवरी 2016 को पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की यादें आज भी ताजा हैं। उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार नए साल से पहले सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।
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संयुक्त अभ्यास करते सेना के जवान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नववर्ष पर आतंकी मंसूबों को नाकाम करने के लिए पठानकोट में सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। खुफिया एजेंसियों से मिले ठोस इनपुट के बाद भारतीय सेना ने पहली बार पठानकोट में विभिन्न सुरक्षा और सिविल एजेंसियों के साथ संयुक्त अभ्यास किया। इसके तहत डीसी कॉम्प्लेक्स, एसएसपी कार्यालय और मामून सैन्य क्षेत्र को अस्थायी रूप से एजेंसियों की छावनी में तब्दील कर दिया गया।

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1 जनवरी 2016 को पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की यादें आज भी ताजा हैं। उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार नए साल से पहले सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ की सूचना के साथ ही पठानकोट में भी खतरे की आशंका जताई गई थी। इसके बाद सीमा पर बीएसएफ, अंदरूनी इलाकों में पंजाब पुलिस और सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस को अलर्ट किया गया।

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सेना अधिकारियों के अनुसार, किसी संभावित आतंकी हमले की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह संयुक्त अभ्यास की गई। इसमें भारतीय सेना, बीएसएफ, पंजाब पुलिस, सीआरपीएफ, घातक कमांडो, रिजर्व पुलिस फोर्स और सिविल प्रशासन शामिल रहा। सेना के जवानों ने एसएसपी कार्यालय के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और सिविल प्रशासन की कार्यप्रणाली को समझा। फोकस इस बात पर रहा कि आतंकी मूवमेंट की स्थिति में सभी एजेंसियों का रिस्पॉन्स एकजुट और प्रभावी हो।

सेना के साथ साझा हुआ सालभर का डिजास्टर प्लान
एडीसी जी. संजीव शर्मा ने बताया कि सिविल प्रशासन ने सेना के साथ पूरे वर्ष का डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान साझा किया है। इसमें विभिन्न विभागों के संपर्क नंबर और आपात स्थिति में सहयोग की प्रक्रिया शामिल है। जल्द ही सेना सिविल प्रशासन को अपनी नई तकनीकों की जानकारी भी देगी।
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अति संवेदनशील जिला, सर्च ऑपरेशन तेज
जम्मू-कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पठानकोट को अति संवेदनशील जिला माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, कड़ाके की ठंड का फायदा उठाकर आतंकी छिपने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते एयरबेस, सैन्य ठिकानों और सीमावर्ती इलाकों में सघन तलाशी अभियान जारी है। हालांकि, ताजा घुसपैठ को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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