चंडीगढ़। बीते 40 वर्षों से सेक्टर-30 बी में रामलीला और दशहरा का आयोजन करने वाले श्री अश्विनी बाल ड्रामेटिक क्लब के दो सदस्यों पर सोमवार रात करीब 12 बजे कुछ अज्ञात युवकों ने पुलिस मुलाजिमों की मौजूदगी में हमला कर दिया। हमले में क्लब के सदस्य चंदन कुमार और दीपक अरोड़ा का सिर फूट गया और खून बहने लगा। चंदन ने दीपक को बचाने की कोशिश की थी, जिसमें वह भी घायल हो गए। दोनों को अस्पताल भर्ती करवाया गया, जहां उन्हें टांके लगाए गए। क्लब के प्रधान दविंदर हांडा के मुताबिक, हमलावरों ने इससे पहले 19 सितंबर को रामलीला के रिहर्सल के दौरान क्लब के सबसे वरिष्ठ सदस्य विकास कुमार पर हमला किया था। उस दौरान भी एक अन्य सदस्य बचाव में आए थे तो उन्हें धमकाया था। आरोप है कि हमलावरों ने धमकी दी है कि वह यहां रामलीला नहीं होने देंगे। प्रधान ने कहा कि तब औद्योगिक क्षेत्र थाने के प्रभारी को शिकायत देते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। बावजूद इसके बीती रात हमलावरों से तीन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में फिर से हमला कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मामले में 18 वर्षीय एक आरोपी को पकड़ा है जो मूलरूप से राजपुरा का बताया जा रहा है। वहीं, दो नाबालिग आरोपियों से माफी मंगवाकर समझौता करवा दिया जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। क्लब के एक सदस्य ने बताया था कि पिछली बार युवकों को रिहर्सल के दौरान नशा करने से रोका था, जिसपर वह हाथापाई पर उतर आए थे। इसके बाद फिर से उन्होंने यह वारदात की। क्लब के प्रधान दविंदर हांडा ने बताया कि आरोपियों ने धमकी दी है कि वह ट्राइसिटी में कहीं भी रामलीला नहीं होने देंगे। इसकी शुरुआत उन्होंने उनके क्लब से की है। प्रधान हांडा ने बताया कि धमकी से क्लब के सदस्य चिंतित हैं। उन्होंने पुलिस से किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है।