चंडीगढ़। टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को सुर साधना की ओर से शास्त्रीय गायक पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा की स्मृति में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ। इसमें कई गीत पेश हुए। कार्यक्रम में पूर्व गृह सचिव हरियाणा एसएस प्रसाद और पूर्व सीपीएमजी हरियाणा रंजू प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत आरिक गर्ग ने वायलिन पर राग भैरवी बजाकर की जिसमें उनके साथ तबले पर डॉ. दिव्यांश ठाकुर और राहुल चंदेल ने संगत की। इसके बाद, राग मल्हार में दिवजोत ने सारंगी पर और ईश्मीन ने तबले पर युगलबंदी की। इसके बाद शिवानी शर्मा ने भजन प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने राग भैरवी में मैने किया द्वारका वास रे... और राग देश में गांव का वो ग्वाला नाम है कान्हा... जैसे भजन गाए।
मंच का संचालन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सेठ ने किया। सुर साधना के प्रधान पंडित विनोद पवार ने बताया कि पद्म विभूषण पंडित छन्नू लाल मिश्र की याद में यह कार्यक्रम रखा गया। उनके बारे में युवाओं को जानकारी देना जरूरी है। वे चलते फिरते संगीत के विश्वविद्यालय थे। वे मंच पर प्रस्तुति के दौरान ही पढ़ा भी देते थे।
कार्यक्रम के दौरान ममता चावला ने मिर्जापुरी कजरी गोरिया पाय नाहीं सइयां के सवनमा ... को राग मिश्र खमाज में प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद जन्नत पारुथी ने झूला गीत झूला धीरे से झुलाओ बनवारी रे... प्रस्तुत किया, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। सुचेता मुखोपाध्याय ने दादरा गायन किया और राग मिश्र खमाज में सइयां रूठ गए मैं मनाती रही... प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। रिंकू सिंह ने पंजाब अंग की दो ठुमरी पेश की। उन्होंने राग सिंध भैरवी में तुम क्या जानो प्रीत सजनवा... और राग मिन्न षडज में याद पिया की आए...प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का समापन गौरव शर्मा द्वारा राग पुरिया कल्याण में तराना पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।