चंडीगढ़। सेक्टर- 34 के प्रदर्शनी ग्राउंड में सात दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा व्यास श्रेया भारती ने सीता स्वयंवर प्रसंग पर प्रवचन किया। इस प्रसंग में उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रभु श्री राम दिव्य की लीलाओं को करते हुए गुरुकुल से अपनी शिक्षा का अध्ययन करते हुए अयोध्या में दोबारा लौटते हैं। इसके बाद विश्वामित्र राजा दशरथ के पास प्रभु श्री राम व लक्ष्मण को मांगते हैं। श्री राम अपने कार्य की पृष्ठ भूमि तैयार करते हुए मार्ग में ताड़का का वध करते हैं। गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार करते हैं एवं यज्ञ की रक्षा के उपरांत गुरु विश्वामित्र जी के साथ जनकपुरी में प्रवेश करते हैं। भगवान शिव के धनुष को भंग कर जानकी से विवाह करते है। विवाह उत्सव में माताएं गोदान करती है। कथा का शुभारंभ विधानसभा हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, पंजाब भाजपा के मीडिया इंचार्ज विनीत जोशी के अलावा स्वामी गिरिधरानंद, स्वामी गुरु कृपानंद, स्वामी प्रकाशानंद ने प्रभु की पावन ज्योति को प्रज्ज्वलितत कर किया।