जिला अदालत ने पांच साल पुराने हत्या के प्रयास मामले में गुरप्रीत नाम के एक व्यक्ति को पांच साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामले के दूसरे आरोपी हरदीप सिंह दीपा को भगौड़ा करार दे दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक सरबजीत सिंह ने इस संबंधी खरड़ थाने में शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया था कि 18 मई 2009 को वह अपने दोस्तों को मिलने के लिए गांव बडाली गया था। गांव बडाली में शाम को उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उसने दोस्त कुलदीप सिंह व हरशरनजीत सिंह को उसे गांव तक छोड़ने को कहा।
जब वे उसे मोटरसाइकिल पर छोड़ने के लिए आ रहे थे। तो गांव वालों के पास स्थित शराब ठेके के पास पहले से ही तैयारी में बैठे गुरप्रीत सिंह व हरदीप सिंह दीपा ने अचानक सड़क पर मोटरसाइकिल लगाकर उनकी मोटरसाइकिल को रोक दिया। मोटरसाइकिल को कुलदीप सिंह चला रहा था। मोटरसाइकिल रुकते ही गुरप्रीत तथा दीपा ने कुलदीप सिंह के पेट में चाकू से वार कर दिया और बुरी तरह घायल हो गया।
शोर मचाने पर दोनों हमलावर मौके से भाग गए। बाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ में सामने आया कि गुरप्रीत सिंह कुछ समय पहले सरबजीत सिंह के पास ट्रैक्टर पर ड्राइवर की नौकरी करता था।
नौकरी के दौरान गुरप्रीत सिंह को चोरी से ट्रैक्टर का तेल निकालते हुए किसी ने देख लिया और सरबजीत सिंह को पता चला। गुरप्रीत सिंह को नौकरी से निकाल दिया। इसी रंजिश के चलते गुरप्रीत ने उस पर हमला करने की ठान ली थी।