चंडीगढ़। वर्ष 2016 में पंचकूला ईटीओ व एक अन्य व्यक्ति को चंडीगढ़ के एक कारोबारी से पक्के बिलों की एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने के मामले में शनिवार को एडीजे की कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में नामजद दोषी अमन सिंघल को कोर्ट ने चार साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्मानें की सजा सुनाई। हालांकि इस मामले में बिक्री कर विभाग के ईटीओ हनीश गुप्ता वर्ष 2021 में कोर्ट से पहले ही आरोपमुक्त हो चुका है। इस संबंध में विजिलेंस को दी गई शिकायत में चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में स्क्रैप सामग्री का कारोबार करने वाले सतबीर शर्मा ने बताया था कि उनका माखन माजरा में गोदाम है। वह हिमाचल प्रदेश में ट्रकों के माध्यम से सामग्री की आपूर्ति करते थे, जो माजरी चौक पंचकूला से गुजरते थे। दो फरवरी 2016 को उनके ट्रक को माजरी चौक पर ईटीओ हनीश गुप्ता ने रोका और उनके ड्राइवर से पक्के बिलों के बारे में पूछा।
सतीश शर्मा और उनका बेटा पंचकूला गए और माल के बिल से संबंधित मूल बिल बुक दिखाई। हनीश गुप्ता मूल बिल बुक से संतुष्ट थे, लेकिन उन्होंने अपने सहायक कर्मचारियों को कुछ खर्चा देने के लिए कहा। 2-3 दिनों के बाद ईटीओ ने उनके दूसरे ट्रक को रोक लिया और पंचकूला माजरी चौक से ट्रकों को पास करने के लिए तिमाही आधार पर मंथली रिश्वत देने के लिए कहा। 24 दिसंबर 2016 को ईटीओ हनीश गुप्ता ने फिर से उन्हें फोन कर 30 हजार रुपये देने के लिए कहा। कुछ देर बाद ही अमन सिंघल ने उन्हें फोन किया और उन्हें 30 हजार रुपये देने के लिए कहा। इसके बाद विजिलेंस को शिकायत दी गई और जांच टीम गठित कर दी गई। यूटी विजिलेंस की टीम ने अमन सिंघल व ईटीओ को रिश्वत के पैसे लेते गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।