केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
- फोटो : अमर उजाला
मैं मानता हूं कि संसार में केवल वही देश उन्नति करता है, जिसके संस्थान फल-फूल रहे हों। शिक्षा सशक्तिकरण है। इसके द्वारा जीवन, समाज व हर क्षेत्र में विशाल बदलाव आता है। हम समझते हैं चाहे संस्थान सरकारी या प्राइवेट हों केवल वह ही फले-फूलेंगे जो अच्छे होंगे व बुरे स्वयं समाप्त हो जाएंगे। यह बातें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कहीं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट कॉन्क्लेव 2017 के समापन समारोह में विद्यार्थियों व स्टाफ को सम्मानित करने पहुंचे थे।
उनका स्वागत एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल, प्रो. चांसलर रश्मि मित्तल, फगवाड़ा के विधायक सोम प्रकाश ने किया। समारोह के दौरान मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एलपीयू के 6 रिसर्चर, 20 मेधावी विद्यार्थियों, एक अंतर्राष्ट्रीय शूटर, 20 राष्ट्रीय खिलाड़ियों व 40 विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। यूनिवर्सिटी रोल ऑफ ऑनर के साथ-साथ 20 लाख रुपये के पुरस्कार भी दिए गए।
मैनेजमेंट कॉन्क्लेव पहुंचे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
- फोटो : अमर उजाला
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एलपीयू एक ग्लोबल यूनिवर्सिटी है। ऐसी यूनिवर्सिटी में पढ़ना वास्तव में सही शिक्षा प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के प्रति भी कार्य कर रही है, जहां दोनों के बीच कंपीटीशन व आपसी सहयोग से सर्वश्रेष्ठ भारत का निर्माण होगा। देश में पिछड़ रहे सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाना एक चुनौती है लेकिन हम इसे सही करने का प्रयास करेंगे।
नई शिक्षा नीति के बारे में उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति पांच स्तंभों पर आधारित है, जिनमें पहुंच, गुणवत्ता, समानता, जवाबदेही व सामर्थ शामिल हैं। नवीनता व रिसर्च पर जोर देते हुए मंत्री जावड़ेकर ने सभी अध्यापकों व विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वह सदैव नए विचारों के साथ आगे आएं। उन्होंने कहा कि हम वर्ष 2030 तक भारत को हर पहलू से संसार में महानतम बना देंगे।