उपभोक्ता आयोग के फैसले को लागू न करने पर शालीमार एस्टेट के दोनों मैनेजिंग डायरेक्टर्स को कैद की सजा सुनाई गई। आरके अग्रवाल और डायरेक्टर कमलेश अग्रवाल को तीन -तीन वर्ष की कैद की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
यह फैसला राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ के अध्यक्ष जस्टिस(रिटायर्ड) जसबीर सिंह, सदस्य देवराज और पदमा पांडेय ने सुनवाई के बाद दिया है।
उपभोक्ता आयोग ने आरके अग्रवाल और श्रीमती कमलेश अग्रवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। आयोग ने कहा कि दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और 8 मार्च 2016 तक आयोग को सूचित किया जाए।
यह था मामला...
शिकायतकर्ता वरिंदर दुग्गल निवासी फेज-3 बी-1 मोहाली ने सेक्टर-8 सी चंडीगढ़ स्थित शालीमार एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी थी। वरिंदर दुग्गल ने शिकायत में कहा कि उन्होंने मोहाली स्थित इंडिस्ट्रियल एरिया में कमर्शियल शोरूम के लिए आवेदन किया।
शोरूम की कीमत 36 लाख थी। उन्होंने 17 फरवरी 2006 को शोरूम के लिए आवेदन किया। कई किस्तों में कुल मिलाकर उन्होंने 23.30 लाख रुपये अदा कर दिए। दो वर्ष के बाद भी जब शोरूम की साइट पर काम नहीं चला तो उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी जिसे शालीमार एस्टेट ने नहीं दिया।
वरिंदर दुग्गल की ओर से उपभोक्ता आयोग में शिकायत करने पर आयोग ने शालीमार एस्टेट को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता को 23.30 लाख रुपये 12 प्रतिशत वार्र्ष्क की दर से वापस करे। साथ ही सेवा में कोताही के लिए 80 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।