अब अगर आपका वाहन ट्रैफिक पुलिस जब्त (इंपाउंड) कर ले तो इसे सेक्टर 29 ट्रैफिक लाइन में छुड़ा सकते हैं। यह सुविधा चालक को 15 दिन तक मिलेगी। इसके बाद चालान आगे अदालत में भेज दिया जाएगा।
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में नया सरकुलर जारी किया है। अभी तक शहर में जब भी वाहन जब्त किया जाता है तो चालक को अदालत आकर ही चालान भुगतना पड़ता है।
जब्त वाहन को रिलीज करवाने के लिए कोर्ट जाकर चालान भुगतने में चालक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोर्ट में कई घंटे बिताने के बाद चालक को ट्रैफिक लाइन आकर भुगता हुआ चालान दिखाना पड़ता है।
उसके बाद वाहन पुलिस की ओर से छोड़ा जाता है। ऐसे में वाहन कई दिनों तक ट्रैफिक लाइन में ही पार्क रहते हैं।
ड्रंकन ड्राइविंग का चालान कोर्ट में ही भुगतना होगा
पुलिस कर्मचारियों को नया सरकुलर जारी किया गया है। इसके तहत अब चालक 15 दिन के अंदर अपने दस्तावेज दिखाकर ट्रैफिक लाइन से ही अपना जब्त किया वाहन छुड़वा सकता है।
लेकिन शराब पीकर वाहन चलाने वालों को अपना चालान कोर्ट में जाकर ही भुगतना होगा। ऐसे चालान को भुगतने का अधिकार ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं है।
- मनीष चौधरी, एसएसपी ट्रैफिक
इस स्थिति में वाहन होता है जब्त
अगर चालक के पास न लाइसेंस हो और न ही वाहन की आरसी और बीमा हो। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी को वाहन जब्त करने का अधिकार है।
यह तीनों दस्तावेज न होने पर चालक को ट्रैफिक लाइन में करीब 1600 रुपये का भुगतान करके अपना वाहन छुड़वाना होगा।