सीबीआई की अदालत में वीरवार को राम रहीम के खिलाफ चल रहे 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले की तारीख थी, लेकिन कार्यवाही नहीं की गई। बल्कि कार्यवाही अगली तारीख तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब केस की सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
सुनवाई स्थगित की गई, क्योंकि मामले को लेकर दायर की गई एक याचिका हाईकोर्ट में पेंडिंग पड़ी है। बचाव पक्ष द्वारा दस्तावेजों की मांग की जा रही है। इसे लेकर ही सीबीआई द्वारा हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई है, जिस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है।
वहीं 20 जुलाई को होने वाली सुनवाई में बचाव पक्ष गवाहों के बयान पढ़ेंगे। बचाव पक्ष ने कोर्ट से गवाहों के बयानों को पढ़ने के लिये समय मांगा हुआ था। पिछली सुनवाई के दौरान आरोपी पंकज गर्ग के वकील को कोर्ट ने गवाहों के बयानों को पढ़ने के लिए मंजूरी दे दी थी।
गौरतलब है कि बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी, जिसमें बचाव पक्ष ने मांग की थी कि उन्हें गवाहों के बयानो की कॉपी दी जाए। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि बचाव पक्ष गवाहों के बयानों को पढ़ सकता है, लेकिन उन्हें कोई कॉपी नहीं दी जाएगी।
बयानों को पढ़ने के लिए हाईकोर्ट ने बचाव पक्ष को समय भी दिया था, जिसके बाद कोर्ट में आगामी कार्रवाई होगी। बता दें कि तीनों आरोपियों पर धारा 326, 417, 506, 120बी आईपीसी के तहत आरोप तय किए जा चुके है और आरोपों की कॉपी आरोपियों को दी जा चुकी है।