पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं एक बार फिर शुरू होंगी। केंद्रीय कैबिनेट की अगली बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसे बाद में संसद में सर्व सम्मति से पास कराया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने यहां शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। वह स्कूली शिक्षा में नई पहल और बेहतर प्रबंधों पर आठ उत्तरी राज्यों की कांफ्रेंस में पहुंचे थे।
यूपीए के कार्यकाल में राइट टू एजुकेशन एक्ट लागू किया गया था, जिसके तहत बच्चों को आठवीं तक फेल करने पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसे लेकर पूरे देश में विरोध हुआ था, जिसके बाद केंद्र ने यह कदम उठाया है। जावडे़कर ने कहा कि जल्द ही आरटीई में संशोधन का प्रस्ताव लाया जाएगा। फेल न करने की नीति को खत्म करके पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी।
25 राज्य ऐसा ही चाहते हैं, लेकिन चार राज्य इसके खिलाफ हैं। इसलिए परीक्षाएं कराने का अधिकार राज्यों को दिया जाएगा। पहले मार्च में परीक्षा होगी, उसमें फेल होने वाले बच्चे जून में फिर परीक्षा देंगे। अगर उसमें भी फेल होते हैं तो उन्हें उसी कक्षा में रखना है या आगे बढ़ाना है, इस पर राज्य अपने स्तर पर नीति बनाएंगे।
बीएड कॉलेजों को नाम पर चल रहीं दुकानें होंगी बंद
Prakash Javadekar
बच्चों के लिए एनसीईआरटी ने हैंडबुक तैयार की है, जिसमें हर साल की प्राप्ति लिखी है। अब यह नहीं हो सकेगा कि बच्चा छठी में पहुंच जाए और उसे तीसरी कक्षा की गणित न आती हो। उन्होंने कहा कि ग्रेस मार्क्स लगातार बढ़ाते जा रहे हैं, इसकी लिमिट होनी चाहिए।
पंजाब की शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी ने कांफ्रेंस की सफलता के लिए केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया और डेलिगेट्स को बधाई दी। इस मौके पर एसीएस जी वज्रलिंगम, डीजीएसई प्रदीप सभरवाल, केंद्रीय सचिव अनिल स्वरूप, संयुक्त सचिव अजय टिरके भी मौजूद थे।
बीएड कॉलेजों को नाम पर चल रहीं दुकानें होंगी बंद
प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि बीएड कॉलेजों के नाम पर चल रही शिक्षा की दुकानें बंद की जाएंगी। बीएड शिक्षा सिस्टम की जगह इंटिग्रेटेड कोर्स शुरू किए जाएंगे। घरों में बीएड के नाम पर दुकानें चला रहे लोगों पर लगाम लगाने को सभी से एफिडेविट मांगे गए हैं, जिसमें दाखिला प्रक्रिया, कैंपस, कोर्स, स्टाफ की जानकारी मांगी गई है। अब तक सात हजार कॉलेजों ने स्व-घोषणा पत्र दिए हैं। तीस जून तक जो एफिडेविट नहीं देते, उनकी मान्यता रद्द की जाएगी।
शहरों में खुलेंगे और केंद्रीय विद्यालय
केंद्रीय मंत्री जावडे़कर ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों का प्रदर्शन अच्छा है, लेकिन जिला परिषद स्कूल उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। शहरों में केंद्रीय विद्यालयों की जमीन के लिए मंत्रालय नई नीति ला रहा है, जिसके बाद अधिक विद्यालय खुलेंगे, गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी।