चंडीगढ़। 12 से 14 साल तक के बच्चों का टीकाकरण स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गया है। 45 हजार की लक्षित आबादी में से अभी तक मात्र 32.53 प्रतिशत बच्चों को पहली और 1.70 प्रतिशत को दूसरी खुराक लगी है। टीकाकरण में तेजी लाने के लिए दो दिन स्कूलों में भी विशेष शिविर लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत शुक्रवार को स्कूलों में 300 बच्चों ने टीका लगवाया। वहीं, पूरे दिन में 699 बच्चों को टीका लगाया गया। उधर प्रशासन ने एक आदेश जारी कर कहा है कि बच्चों को टीका नहीं लगवाया तो अगले सप्ताह से कक्षा में प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। इसके बाद ऑनलाइन शिक्षा पर ही बच्चों को निर्भर रहना होगा। अभिभावक शनिवार को भी सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक अपने बच्चों को टीका लगवा सकते हैं।
बच्चों के टीकाकरण की धीमी रफ्तार को देखते हुए यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने 18 अप्रैल को कहा था कि 15 दिन में शिक्षा विभाग शत-प्रतिशत टीकाकरण कराए। अब विभाग के सामने मात्र 10 दिन का समय बचा है। शिक्षा विभाग ने इस चुनौती का सामना करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता और अतिरिक्त टीकाकरण शिविर लगाने का निर्णय लिया है। वहीं प्रशासन की सख्ती का असर यह हुआ कि पिछले 7 दिनों में जहां औसतन 477 बच्चों ने टीका लगवाया था, वहीं एक दिन में 699 लोगों ने टीका लगवाया।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से करेंगे जागरूक : शिक्षा निदेशक
शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा का कहना है कि स्कूलों में टीकाकरण का प्रतिशत कम है। विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के लिए स्कूलों में कार्यक्रम शुरू करवाए हैं। बच्चों को टीकाकरण के फायदे और कोरोना महामारी को लेकर पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन जैसी कलात्मक प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। इसके तहत शुक्रवार को कई स्कूलों में प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। क्लस्टर स्तर पर तीन शीर्ष विजेता सोमवार को जीएमएसएसएस-23 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। स्कूलों में प्रार्थना सभा में प्रतिदिन छात्रों को कोरोना टीकाकरण को लेकर जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों में दाखिले और परीक्षा परिणाम को लेकर आने वाले अभिभावकों की भी छात्रों के साथ टीकाकरण को लेकर काउंसलिंग की जा रही है ताकि अभिभावक बच्चों को टीका लगवाने के लिए लेकर जाएं। गांवों के स्कूलों में छात्र अधिक हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर स्कूलों के टीकाकरण शिविरों को बढ़ाने की योजना बनाई है। अभी छह शिविर लग रहे हैं जो पहले पांच ही लग रहे थे।
15 से 18 साल आयु वर्ग में 91 प्रतिशत टीकाकरण
15 से 18 साल आयु वर्ग टीकाकरण का परिणाम संतोषजनक रहा है। प्रशासन की 72 हजार की लक्षित आबादी में से 91 प्रतिशत किशोरों व युवाओं को वैक्सीन की पहली डोज लग गई है। 53 प्रतिशत किशोरों ने वैक्सीन की दूसरी डोज भी लगवा ली है इसलिए प्रशासन का ध्यान 12 से 14 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण पर है।
यहां लगवा सकते हैं टीका-
- पीजीआई
- जीएमसीएच-32
- जीएमएसएच-16
- सिविल अस्पताल मनीमाजरा
- सिविल अस्पताल सेक्टर-45
- सिविल अस्पताल सेक्टर-22
यहां इतने बच्चों का टीकाकरण, आज भी लगवा सकते हैं टीका
स्कूल टीका लगवाने वाले बच्चों की संख्या
जीएमएसएसएस सेक्टर 38 वेस्ट- डाटा नहीं मिला
जीएसएसएस-मनीमाजरा टाउन 20
जीएमएचएस विकास नगर 40
जीएमएसएसएस सेक्टर 26 40
जीएमएचएस सेक्टर 49 20
जीएमएसएसएस धनास 80
जीएमएसएच पुनर्वास कॉलोनी 2 मलोया 80
जीएसएसएस सेक्टर 45 20
सार्वजनिक स्थलों पर फिर से मास्क लगाने की अपील
प्रशासन ने आदेश जारी कर कहा है कि कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है इसलिए शहर के लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनकर जाएं। सार्वजनिक परिवहन, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लास रूम, कार्यालयों, हॉल में सभाओं और दुकानों में सामान लेने जाएं तो मास्क को न उतारें।
कोट
संक्रमण का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। अभिभावकों को अपने बच्चों को जल्द से जल्द टीका लगवाना चाहिए। किसी को कोई समस्या न हो, इसलिए अब स्कूलों में भी टीम भेजी जा रही है। लोगों का सहयोग मिलेगा तभी संक्रमण पर पूरी तरह से काबू पाया जा सकेगा।
-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव