चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने सेक्टर-26 मंडी में अवैध वेंडिंग और कचरा प्रबंधन को लेकर नए नियम लागू किए हैं। पंजाब मार्केट कमेटी (संशोधन) बायलॉज, 2025 के तहत अवैध वेंडरों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इन नए नियमों का उद्देश्य मंडियों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है। इसमें मंडी सुपरवाइजर या सेनेटरी इंस्पेक्टरों को चालान व जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है।
विज्ञापन
अब मंडी में बिना पंजीकरण के कोई भी दुकान नहीं लगा सकेगा। केवल वे वेंडर ही काम कर सकते हैं जो नगर निगम में पंजीकृत हैं और जिन्हें अधिकृत वेंडिंग जोन में जगह मिली हुई है। पहली बार नियम तोड़ने वाले पंजीकृत वेंडरों पर 1,500 रुपये और दूसरी बार उल्लंघन पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगेगा। तीसरी बार नियम तोड़ने पर उनका सारा सामान जब्त कर लिया जाएगा। वहीं, अवैध वेंडिंग करने वालों पर सीधा 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा और उनका सामान भी जब्त कर लिया जाएगा। कचरा प्रबंधन के नए नियम
स्वच्छता बनाए रखने के लिए हर वेंडर को अपने कचरे के लिए एक कंटेनर रखना होगा। कचरा केवल अधिकृत डिपो या वाहन में ही डालना होगा। खुले में कचरा जलाना या बहाना सख्त मना है। नियम तोड़ने पर अलग-अलग तरह के जुर्माने लगाए जाएंगे...
विज्ञापन
-कचरे का पृथक्करण न करने पर 200 रुपये
-स्ट्रीट वेंडर की ओर से कचरा प्रबंधन न करने पर 500 रुपये
-सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने पर: 500 रुपये+9,500 रुपये का शुल्क
-कचरा जलाने या जमीन में दबाने पर 500 रुपये+4,500 रुपये का शुल्क
जब्त सामान की नीलामी
नए नियमों के तहत जब्त किए गए सामान को वेंडर वापस नहीं मांग सकेंगे। मार्केट कमेटी ऐसे सामान की नीलामी करेगी। अगर सामान जल्दी खराब होने वाला है, तो उसे तुरंत बेच दिया जाएगा ताकि कोई नुकसान न हो। जुर्माने की राशि में हर साल 1 जनवरी से 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी।