जेल में कैद राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा के लिए अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। मामला अवैध स्किन बैंक खोलने का है, जिसमें कानूनी कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोर्ट में डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन के खिलाफ डेरा में अवैध रूप से स्किन बैंक चलाने को लेकर दायर की गई कंप्लेंट पर कोर्ट ने शाह सतनाम डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अभिजीत भगत, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ओपी कासनिया, चीफ मेडिकल ऑफिसर शाह सतनाम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल डॉ. एमपी सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग, टेक्नीशियन स्किन बैंक बलबीर सिंह व राकेश जिंदल इंचार्ज इंचार्ज बालाजी हॉस्पिटल करनाल को नोटिस का समन जारी करके 14 दिसंबर को तलब किया है।
डेरा के स्किन बैंक को सील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2018 में एसीजेएम कोर्ट में कंप्लेंट फाइल की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने इस संबंध में सिरसा के सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।
डेरा में छापेमारी के दौरान अवैध पाया गया स्किन बैंक
Dera Sacha Sauda, Sirsa
जानकारी के अनुसार, साध्वी रेप मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को बीस साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को डेरा में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट की तरफ से पूर्व न्यायाधीश एकेएस पंवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में सिरसा प्रशासन की ओर से डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
इस दौरान हुई जांच में डेरा परिसर के अंदर डेरा प्रबंधन की ओर से खोला गया स्किन बैंक अवैध पाया गया। यह बैंक दो वर्ष पहले ही शुरू हुआ था। इसे पूरे उत्तर भारत का पहला ऐसा बैंक माना जाता है। अब तक देश में किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मौजूद नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच के अनुसार डेरे में बाबा गुरमीत राम रहीम ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में लेनी भी शुरू कर दी। दान में मिली स्किन से कितने लोगों को फायदा हुआ, यह स्किन बैंक के रिकार्ड में उपलब्ध नहीं मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से किसी भी स्किन बैंक खोलने की मंजूरी डेरे को प्राप्त नहीं थी।
हड्डियों का बैंक भी बनाने वाला था गुरमीत
Dera Sacha Sauda, Sirsa
- फोटो : File Photo
गुरमीत राम रहीम 10 करोड़ रुपये की लागत से अपने डेरे में हड्डियों का बैंक बनाने वाला था। डेरा परिसर में स्थित शाह सतनाम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के पास ही यह बैंक बनने वाला था। सूत्रों के मुताबिक, इस साल जनवरी में ही इसका काम शुरू हो गया था। डेरे में बोन बैंक के लिए 3 करोड़ की लागत से कुछ मशीनें भी खरीद ली गई थीं।
सर्च ऑपरेशन के तीसरे दिन इस बैंक से जुड़े दस्तावेजों के जरिये यह खुलासा हुआ है। जुलाई 2017 में सिरसा स्थित डेरे में एक बड़ा समारोह रखा गया था जिसमें राम रहीम ने सार्वजनिक रूप से हड्डियों का बैंक बनाए जाने की घोषणा भी की थी। कुछ एनजीओ ने मिलकर बैंक के लिए 25 और 50 लाख रुपये बतौर दान में भी दिए थे। गुरमीत ने खुद भी एमएसजी फिल्म से हुई कमाई में से 25 लाख इस बैंक के लिए दान किए थे।
दिल्ली के डॉक्टर देते थे प्रॉजेक्ट
शाह सतनाम अस्पताल की जांच से पता चल चुका है कि बाबा कई बड़े अवैध काम करता था। स्किन और बोन बैंक का काम बगैर मंजूरी अवैध तरीके से चल रहा था। यह पूरा प्रोजेक्ट बाबा के सहयोगी आदित्य इंसा की देखरेख में चल रहा था। जिसकी मदद दिल्ली के कई बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर कर रहे थे।
एनजीओ से लिया दान
अवैध था डेरा का स्किन बैंक
डेरा प्रबंधन की ओर से चलाया जा रहा स्किन बैंक स्वास्थ्य विभाग की जांच में पूरी तरह से अवैध पाया गया। डेरा प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसीजेएम कोर्ट में कंप्लेंट फाइल की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक की ओर से डेरा प्रबंधन पर कार्रवाई के निर्देश मुझे मिले थे।
- डॉ. गोबिंद गुप्ता, सिविल सर्जन सिरसा।