चंडीगढ़। कजहेड़ी में मस्जिद के पास रोजाना अवैध मंडी लग रही है। लोग खुले में शराब पी रहे हैं। चिकन-मछली आदि भी बेचे जाते हैं। कई बार मंडी को लेकर गांव के लोग और अवैध वसूली के खिलाफ मंडी के दुकानदार शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात है कि एक साल पहले प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने भी अवैध मंडी को हटाकर पार्क बनाने के आदेश जारी कर चुके हैं, लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
पिछले 10 साल से गांव कजहेड़ी मे शाम को 4 से रात 10 बजे तक सरकारी जमीन मंडी लगती है। मंडी की वजह से गांव कजहेडी में जाम लगता है। अवैध होने की वजह से यहां सफाई नहीं होती, इसलिए जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। कूड़े के ढेरों की वजह से गांव में महामारी फैलने का भी डर है। आरोप है कि मंडी में दुकान लगाने वालों से महीने के लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये अवैध तरीके से वसूले जा रहे हैं। अवैध वसूली की शिकायत प्रशासक के सलाहकार, डीसी, नगर निगम, एसएसपी समेत सीबीआई से भी शिकायत हो चुकी है। लोगों को अभी भी कार्रवाई का इंतजार है। एक साल पहले एरिया पार्षद लखबीर सिंह भी अवैध मंडी को लेकर डीसी को लिखित में शिकायत दे चुके हैं। नाम न छापने की शर्त पर गांव के लोगों ने बताया कि सलाहकार धर्मपाल ने एक साल पहले मंडी का दौरा किया था। उन्होंने अवैध बताते हुए इसे तुरंत हटाने के आदेश दिए थे और इलाके की तारबंदी करके यहां लोगों की सुविधा के लिए पार्क बनाने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद तारबंदी भी कर दी गई, लेकिन शरारती तत्वों ने उन तारों को कुछ ही दिन में काट दिया और फिर तब से रोजाना मंडी लगने लगी। पार्क बनाने का आदेश भी हवा हवाई हो गया।
व्यवस्थित ढंग से मंडी चले तो प्रशासन को होगा लाभ
गांव के कुछ लोगों का कहना है कि गांववासियों को मंडी की जरूरत है, लेकिन वह व्यवस्थित हो और सफाई-सफाई हो। अगर प्रशासन की तरफ से सही ढंग से मंडी चलाई जाए तो हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का लाभ होगा। आसपास गंदगी भी नहीं होगी और जो लोग खुले में शराब पीते हैं व मीट आदि का सेवन करते हैं, उससे भी छुटकारा मिलेगा। इस मुद्दे पर प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि वह मामले की जांच कराएंगे और जरूरत हुई तो दोबारा तारबंदी की जाएगी।
मैंने कई बार इस मंडी को लेकर शिकायत दी है। यहां पर कई अव्यवस्थाएं हैं। यह एक निजी मंडी की तरह बन गई है जिसका फायदा कुछ लोग उठा रहे हैं। -लखबीर सिंह, एरिया पार्षद