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चंडीगढ़ में 250 एकड़ कृषि भूमि पर अवैध कब्जा, 15 वर्षों से कब्जा नहीं हटवा पाया प्रशासन

Sat, 22 Sep 2018 02:41 AM IST
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ प्रशासन की अनेदखी से ट्राइसिटी में लगभग 250 एकड़ सरकारी एग्रीकल्चर लैंड पर अवैध कब्जा हो गया है। कृषि विभाग ने कई बार इस बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा है, लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन एग्रीकल्चर लैंड को खाली कराने में कामयाब नहीं हो सका है। प्रशासन ने कई बार इस जमीन को खाली कराने के लिए हुंकार तो भरी, लेकिन कब्जाधारियों की एकजुटता के आगे प्रशासन ने घुटने टेक दिए।

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चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने विभिन्न प्रोजेक्टों को गति देने के लिए ट्राइसिटी के दर्जनों गांवों में किसानों से कई साल पहले जमीन अधिग्रहीत की थी। इसके बदले प्रशासन ने मुआवजा भी दिया था। प्रशासन की ओर से जहां अधिक जरूरत थी, वहां जमीन का सरकारी कामों में उपयोग कर लिया गया था, लेकिन कई गांवों में प्रशासन की अधिग्रहीत जमीन पर सरकारी निर्माण कार्य नहीं हो पाने के चलते भूमि खाली ही पड़ी रह गई।

 हैरानी की बात यह है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते खाली पड़ी जमीन पर लोगों ने कब्जा जमाना शुरू कर दिया। शहर से जुड़े गांवों के आस-पास खाली पड़ी अधिकांश सरकारी जमीन पर लोगों ने धीरे-धीरे अवैध कब्जा कर लिया।
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इन गांवों में हो चुका अवैध कब्जा
जानकारों की मानें तो अब तक सरकार की ओर से अधिग्रहीत करने के बाद वर्षों से खाली पड़ी 250 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हो चुका है। कई बार प्रशासन की ओर से इस जमीन को खाली कराने के लिए बाकायदा टीम गठित कर अभियान चलाने की पुरजोर कोशिश की गई, लेकिन राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक कमजोरी के चलते हर बार निराशा ही हाथ लगी। प्रमुख रूप से धनास, किशनगढ़, बुडै़ल, कांसल, मक्खन माजरा सहित कई गांवों में सरकारी एग्रीकल्चर लैंड पर अवैध कब्जा हो गया है।

विकास की दौड़ में सिकुड़ रही जमीन
ट्राइसिटी के अंतर्गत आने वाले चंडीगढ़ सिटी, पंचकूला और मोहाली में हो रहे अंधाधुध विकास के चलते कृषि योग्य जमीन लगातार सिकुड़ती जा रही है। चंडीगढ़ कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक साल 1966 में 5441 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन मौजूद थी, जो शहर के विकास के लिए प्रशासन की ओर से समय समय पर अधिग्रहीत की जाती रही है। इसके चलते शहर में साल 2005-06 में लगभग 1200 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन ही कृषि योग्य बची है।

सैकड़ों का छिन जाएगा रोजगार
इस संदर्भ में एग्रीकल्चर लैंड एक्वायर अधिकारी आईएएस अर्जुन शर्मा ने बताया कि सरकारी कृषि भूमि पर कब्जे की शिकायत मिली है। प्रशासन की ओर से इस जमीन को खाली कराने के लिए एक नीति बनाई जा रही है। इसके तहत जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। उन्हें कहीं और स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान समय में कार्रवाई की जाएगी, तो सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन जाएगा, इसलिए वैकल्पिक तौर पर उन्हें जगह देकर सरकारी जमीन को खाली कराया जाएगा।

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