शहर के पुलिस कर्मियों की सभी राजनीतिक दलों से मांग है कि दूसरे राज्यों से डेपूटेशन पर आने वाले पुलिस अधिकारियों पर पाबंदी लगाई जाए।
नाव का मौसम है तो नेता भी पुलिस कर्मियों के वोट बैंक को कैश करने के लिए उनको मजबूत आश्वासन दे रहे हैं। हाल ही में पुलिस कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस और भाजपा नेताओं से मिला था।
कर्मचारियों का कहना है कि दूसरे राज्यों से अधिकारियों के आने से उनका प्रमोशन रुक जाता है। साथ ही यह भी मांग की जा रही है कि स्थानीय स्तर के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को आगे एसपी पद के लिए प्रमोट किया जाए, जबकि इस समय डीएसपी से ऊपर कोई भी अधिकारी प्रमोट नहीं होता है।
इस समय शहर में 21 डीएसपी है जिनमे से 13 डीएसपी दूसरे राज्यों से आए हुए हैं, जबकि 5 डीएसपी से ही शहर के हैं। बता दें कि पुलिस कर्मियों के शहर में करीब 30 हजार वोट हैं।
रिटायर डीएसपी जसबीर सिह चीमा ने बताया कि शहर के पुलिस कर्मचारियों के साथ काफी धोखा हो रहा है। प्रशासन से दूसरे राज्यों से डीएसपी बुलाकर यहां पर तैनात अधिकारियों का हक मारा जा रहा है।
शहर में कई काबिल इंस्पेक्टर हैं, जिनका डीएसपी का प्रमोशन बाहर से आने वाले अधिकारियों के कारण रुका हुआ है। प्रमोशन रुकने का सीधा असर निचले स्तर पर कांस्टेबल पर भी पड़ता है।
रिटायर इंस्पेक्टर जगीर सिंह के अनुसार इस बार पुलिस कर्मचारी और उनका परिवार काफी सोच समझकर मतदान करने जा रहा है। वोट उसे ही मिलेगी जो दूसरे राज्यों से आने वाले अधिकारियों को रोकने का ठोस आश्वासन देगा।
नेताओं का कहना है कि
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता हरमोहन धवन के मुताबिक 27 सितंबर 1994 में सुप्रीम कोर्ट के आए आदेश के बाद प्रशासन ने एक नोटिफिकेशन जारी की थी, जिसके अनुसार अगर पुलिस विभाग में काबिल अधिकारी हैं तो उन्हें प्रमोट किया जाना चाहिए न कि दूसरे राज्यों से बुलाकर अधिकारी शहर के अधिकारियों के ऊपर बैठाए जाने चाहिए। पवन बंसल पिछले 15 साल से सांसद हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी दूसरे राज्यों से आने वाले अधिकारियों के लिए कोई कदम नहीं उठाया। ऐसे में इस बार पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवार का वोट भाजपा को मिलेगा। भाजपा की जीत के बाद इस समय जो पुलिस अधिकारी शहर में तैनात हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से वापस भेजा जाएगा।
कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व मेयर सुभाष चावला के अनुसार शहर का अपना यूटी कैडर होना चाहिए। बाहर से आने वाले पुलिस अधिकारियों पर पाबंदी लगनी चाहिए। शहर की पुलिस में काफी काबिल अधिकारी हैं, ऐसे में उन्हें प्रमोट करना चाहिए। पुलिस कर्मचारियों ने पवन बंसल से यह मांग की थी जिस पर बंसल ने कई प्रयास भी किए हैं। चुनाव जीतने केबाद इसका परिणाम दिखाई देगा।