-प्रतिबंधित नस्लों के पालतू जानवरों को लेकर हाईकोर्ट ने नगर निगम से मांगी थी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रतिबंधित नस्लों के पालतू जानवरों के मामले में गुरुग्राम नगर निगम की ओर से तथ्यों से अनभिज्ञ अधिकारी को भेजने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निगम पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। हाईकोर्ट ने यह राशि उस अधिकारी से वसूलने का आदेश दिया है जिसे आदेश के अनुसार पेश होना था लेकिन उसने ऐसा न करने का विकल्प चुना। निगम को राशि हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के पास जमा करवाने का आदेश दिया है। विदेशी कुत्तों की 11 नस्लों पर पाबंदी लगाने, एक परिवार को एक से अधिक कुत्ता पालने पर पाबंदी और एक महीने में सभी पालतू कुत्तों का लाइसेंस लेने सहित कई अन्य आदेश जारी किए थे। मामले को लेकर समीर वर्मा व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। गुरुग्राम निगम के दायरे में पालतू पशुओं के रूप में रखे जाने वाले प्रतिबंधित नस्लों के संबंध में यह मामला 2022 से हाईकोर्ट में लंबित है। निगम ने 15 अप्रैल को हलफनामे के माध्यम से स्टेटस रिपोर्ट देकर बताया था कि प्रतिबंधित नस्लों की बारीकियों की जांच और नियंत्रण के लिए निगम ने क्या कदम उठाए हैं। हाईकोर्ट ने निगम से एक प्रश्न उठाया था कि प्रतिबंधित श्रेणियों से संबंधित कुल कितने कुत्तों को निवासियों द्वारा पालतू पशुओं के रूप में रखा गया है। कुल कितने प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को पंजीकृत किया गया है। अब दोबारा मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो निगम के वकील ने जवाब देने में असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों ने इस मामले में एक सेनेटरी इंस्पेक्टर को नियुक्त किया है, लेकिन वह मामले के तथ्यों से परिचित नहीं है और उसके पास अपेक्षित डाटा नहीं है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम पर जुर्माना लगाते हुए संबंधित कोर्ट द्वारा मांगी गई जानकारी अगली सुनवाई पर प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।