मक्खू में पिछले रविवार सिख संगत और डेरा प्रेमियों के बीच नामचर्चा को लेकर हुए विवाद में प्रेमियों के खिलाफ दर्ज पर्चे रद्द न करने पर रविवार को किए जाने वाले संघर्ष को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। आईजी बठिंडा के डेरा प्रेमियों से मीटिंग के बाद प्रेमियों ने यह फैसला किया है।
टकराव को टालने के लिए शनिवार को लोक निर्माण आराम घर में बठिंडा जोन के आईजी परमराज सिंह उमरानंगल ने डेरा कमेटी के सदस्यों से बंद कमरे में मीटिंग की। इस मीटिंग में फिरोजपुर रेंज के डीआईजी मोहनीश चावला के अलावा मोगा के एसएसपी जतिंदर सिंह खैहरा भी मौजूद थे। मक्खू कांड में डेरा प्रेमियों के खिलाफ दर्ज किए गए केस को रद्द करवाने के लिए 23 नवंबर तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी गई थी कि इस घटना के लिए जिम्मेदार डीएसपी जीरा खिलाफ कार्रवाई न हुई और यह पर्चा रद्द न किए गए तो डेरा प्रेमी सड़कों पर उतरेंगे।
करीब डेढ़ घंटा चली मीटिंग खत्म होने के बाद अधिकारी पत्रकारों से बिना बातचीत किए ही निकल गए। इस मौके पर डेरा प्रेमी समिति नेता महिंदर पाल बिट्टू ने पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार न करने का आरोप लगाते कहा कि पुलिस विरोधी पक्ष के गलत बयान दर्ज कर डेरा प्रेमियों को उलझा रही है। उन्होंने कहा कि आईजी उमरानंगल ने उन्हें इंसाफ का भरोसा दिलाया है। आईजी ने कहा कि किसी बेकसूर के साथ अन्याय नहीं होगा। जो भी कसूरवार हुआ उसके ही खिलाफ कार्रवाई होगी। आईजी के भरोसे के बाद उन्होंने अपना आंदोलन कुछ दिनों के लिए टाल दिया है।
आईजी उमरानंगल ने फोन पर बताया कि यह मीटिंग नशा तस्करी अभियान और अमन कानून कायम रखने के लिए बुलाई गई थी। मीटिंग में मक्खू कांड के बारे में डेरा प्रेमियों से भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा प्राथमिक जांच में यह पता लगा जिस डेरा प्रेमी के घर नाम चर्चा थी उसके घर को जाने वाला एक रास्ता गुरुद्वारा साहिब के पास से गुजरता था। डीएसपी जीरा की कोई मंद भावना सामने नहीं आई और उन्होंने लोगों को रोका था। मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल के लिए फिरोजपुर के एसपी (डी) की निगरानी में विशेष जांच टीम बना दी गई है।