फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीजीआई की न्यू ओपीडी जा रहे हैं तो जरूर पढें

Fri, 20 Dec 2013 08:48 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर -34 निवासी व सीनियर सिटीजन एमएम सिंगला वीरवार को पहले एडवांस आई सेंटर गए और फिर वहां से न्यू ओपीडी।
विज्ञापन


न्यू ओपीडी के पिछले गेट की जब वे 18 सीढ़ियां चढ़कर ऊपर गए तो वहां से उन्हें वापस भेज दिया गया। गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने उनसे कहा कि आज से इस गेट से मरीजों की एंट्री बैन हो गई है।

यहां से सिर्फ पीजीआई के स्टाफ और डॉक्टर ही जा सकेंगे। सिक्योरिटी गार्ड ने गेट पर लगे पंफलेट को दिखाया और कहा कि आज से यह आदेश जारी हो गए हैं।

इसके बाद उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। एक तो बुजुर्ग और ऊपर से कड़ाके की सर्दी। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सिर्फ सिंगला नहीं, बल्कि कई मरीजों को न्यू ओपीडी से लौटाया गया। मरीजों का कहना था कि यह सेंटर उनके लिए बना है, लेकिन यहां आने पर उन्हें ही तकलीफ झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन


इस मामले की शिकायत भी किसी ने पीजीआई एडमिनिस्ट्रेशन से कर दी। इसकी सूचना मिलने पर कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचे और सिक्योरिटी गार्ड से बात की।

सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि उन्हें चीफ सिक्योरिटी अफसर से आदेश मिला है। उसके कुछ देर बाद मरीजों को जाने दिया गया।

बाद में सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि आज के लिए तो एंट्री खोल दी गई है, लेकिन शुक्रवार को फिर से एंट्री बंद कर दी जाएगी।

पीजीआई के सूत्रों का कहना है कि जब से न्यू ओपीडी का निर्माण हुआ है तब से इस गेट से मरीजों को प्रवेश दिया जा रहा है। यह गेट कई मरीजों के लिए सुविधाजनक होता है।

खासतौर पर उन मरीजों को जिन्हें अपने सैंपल देने पड़ते हैं। वे इस गेट से घुसे और सीधे बायोकेमेस्ट्री लैब में चले गए। इसके अलावा एडवांस कार्डियक सेंटर के बाद न्यू ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी काफी आसानी होती थी।

अब ऐसे मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। उन्हें न्यू ओपीडी के मुख्य गेट से ही जाना होगा। वीरवार को कई मरीजों की सिक्योरिटी गार्ड के साथ थोड़ी देर बहस भी हुई।
विज्ञापन


सिक्योरिटी के लिए उठाया गया कदम
पीजीआई के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह कदम सिक्योरिटी के लिए उठाया गया है। एक महीने पहले यहां कि पार्किंग में सुपरवाइजर पर चाकू से हमला कर दिया गया था।

मरीजों का कहना है कि जब यहां पर सिक्योरिटी गार्ड और सीसीटीवी कैमरे हैं तो इतनी सतर्कता क्यों?

पीजीआई ने मना किया
जब इस बारे में पीजीआई की प्रवक्ता मंजू वडवालकर से बात की गई तो उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया कि ऐसा नहीं हो सकता।

उन्होंने मना किया कि इस गेट से मरीजों की एंट्री बैन नहीं है। यह ओपीडी उनके लिए ही बनी है। इसलिए उन्हें रोका नहीं जा सकता।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें