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Chandigarh News: नियमित रक्तदाता हैं तो आयरन की जांच अवश्य कराएं, अन्यथा होगी परेशानी

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चंडीगढ़। अगर आप नियमित रक्तदाता हैं तो रक्तदान के दौरान खून की अनिवार्य जांच करने के साथ कुछ महीनों के अंतराल पर फेरेटिन जांच भी जरूर कराएं क्योंकि लगातार खून देने के कारण आपके हीमोग्लोबिन में आयरन की कमी हो सकती है। इसकी जानकारी न होने पर आप एनीमिया या अन्य गंभीर समस्या के शिकार बन सकते हैं। जीएमसीएच 32 के ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की प्रभारी डॉ. रवनीत कौर ने शोध से यह साबित किया है कि नियमित रक्तदाताओं में आयरन की कमी होने पर वे रक्तदान से वंचित हो सकते हैं। उनसे प्राप्त खून की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने खून में आयरन की मात्रा जानने के लिए फेरेटिन जांच को बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
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डॉ. रवनीत ने बताया कि नियमित रूप से रक्तदान करने पर कई रक्तदाताओं का हीमोग्लोबिन का स्तर तो मेंटेन रहता है लेकिन आयरन का भंडार खाली होने लगता है। ऐसे में गंभीर बात यह है कि आयरन का स्तर कम होने के बावजूद हीमोग्लोबिन की मात्रा पर कोई प्रभाव नजर नहीं आता, जिससे रक्तदाता आयरन की कमी जैसी बात नहीं सोच पता। ऐसे में लगातार रक्तदान जारी रखने पर नियमित रक्तदाताओं में आयरन की कमी के कारण समस्याएं शुरू हो जाती हैं और वे रक्तदान करने से भी वंचित होने लगते हैं।
डॉ. रवनीत ने बताया कि जीएमसीएच 32 ने ऐसे 127 नियमित रक्तदाताओं पर शोध किया, जिसमें पता चला कि उनमें आयरन की कमी होने से वह अलग-अलग तरह की परेशानी झेल रहे थे। फेरेटिन जांच के माध्यम से उनमें आयरन की स्थिति का आकलन करने के साथ आयरन का ओरल सप्लीमेंट दिया गया। इसके बाद शोध में शामिल कई नियमित रक्तदाताओं में आयरन की मात्रा संतुलित हुई और वह फिर रक्तदान करने लगे। डॉ. रवनीत ने बताया कि रक्तदान के दौरान जांच के साथ फेरेटिन टेस्ट करना संभव नहीं है क्योंकि यह पूरी तरह से लेबोरेटरी में होने वाला टेस्ट है।
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फेरेटिन की भूमिका महत्वपूर्ण

फेरेटिन जांच से पता चलता है कि खून में हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, जिसे रक्त अल्पता के रूप में जाना जाता है। आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया बहुत आम है और फेरेटिन का स्तर इसके निदान का एक हिस्सा है। सीरम फेरेटिन परीक्षण फेरेटिन प्रोटीन के स्तर को मापता है। बहुत आसान शब्दों में कहें तो फेरेटिन वह रूप है जिसमें शरीर में आयरन जमा होता है। ब्लड की मदद से अपने फेफड़ों से ऑक्सीजन ले जाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। आयरन की कमी आमतौर पर आहार में आयरन की कमी के परिणामस्वरूप होती है। इस स्थिति में फेरेटिन का स्तर बहुत कम होता है। यह शरीर में अपर्याप्त लोहे के भंडार को इंगित करता है।
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