-हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने दी चेतावनी, 21 को अधिकारियों के साथ होनी है बैठक
-एसोसिएशन की चार मुख्य मांगें, सरकार नहीं बना पा रही है सहमति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने हरियाणा सरकार के खिलाफ फिर से नाराजगी जाहिर की है। पुरानी मांगों को लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की 21 जून को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि बैठक के बाद उनकी मांगों का कोई हल नहीं निकला तो सभी एक जुलाई से आंदोलन का रास्ता अपना लेंगे। एक जुलाई को डॉक्टर डे भी है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि एसोसिएशन की बैठक में चार मांगों पर मंथन किया गया, जिसमें पहली मांग पीजी बॉन्ड 50 लाख से कम करना और दूसरी मांग एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं करने की है। उस दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दोनों ही मांग पर सैद्धांतिक सहमति जता दी थी, मगर उसके बाद बात आगे नहीं बढ़ी। दूसरी मांग पर एसोसिएशन का तर्क है कि 95 फीसदी कैडर एमओ से एसएमओ बनकर रिटायर हो जाते हैं, जबकि सीधे एसएमओ नियुक्त बनने वाले सीएमओ व डीजी बन जाते हैं। तीसरी मांग
एसीपी और भत्ते केंद्र सरकार के बराबर देने और चौथी मांग विशेषज्ञ डॉक्टरों का अलग कैडर बनाने की मांग की थी। हालांकि विशेषज्ञ डॉक्टरों का कैडर बनाने की मांग भी सरकार ने स्वीकार कर ली थी।
पूर्व सीएम मनोहर लाल ने विधानसभा में अलग से कैडर बनाने की घोषणा की थी। सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद भी इसकी फाइल अफसरों के टेबल पर घूम रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि पांच महीने पहले एसोसिएशन की सभी आला अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें आश्वासन दिया गया था कि समयबद्ध तरीके से मांगों को निर्धारित समय पर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21 जून की बैठक में यदि कोई हल निकलता है तो ठीक है, वरना एक जुलाई से डॉक्टर आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लेंगे। हालांकि पिछले दिनों सीएम ने बैठक भी हुई थी, जिसमें कैडर बनाओ और डाक्टरों की भर्ती जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए गए थे।