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इंसाफ नहीं मिला तो चुनाव का बहिष्कार

Thu, 25 Sep 2014 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
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करनाल। गांव रांवर में नरेंद्र शर्मा की हत्या के बाद गांव में तनाव बरकरार है। दोनाें पक्षों ने बुधवार को लघु सचिवालय में डीसी बलराज सिंह और एसपी अभिषेक गर्ग से मिलकर न्याय की गुहार लगाई । इस दौरान सचिवालय में भारी पुलिस बल तैनात रहा। जहां ब्राह्मण समुदाय ने आरोपियों को गिरफ्तार करने वहीं, वाल्मीकि समुदाय ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
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बाल्मीकि समुदाय के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि हमें न्याय नहीं मिला तो उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। प्रशासन ने भी मामले गंभीरता को देखते हुए बुधवार को वाल्मीकि समुदाय के पांच सदस्यों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी जांच करेगी कि कौन-कौन से मकान जलाए गए हैं और कितना नुकसान हुआ है। इस दौरान वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने सचिवालय में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान तहसीलदार हरिओम अत्री, डीएसपी सतीश वत्स, डीएसपी राजकुमार, सिविल लाइन एसएचओ ललित कुमार सहित पुलिस फोर्स सचिवालय में तैनात रहा। 

डीएसपी सतीश वत्स, तहसीलदार हरिओम अत्री को गांव रांवर की सरोज, संतोष , दर्शनी ने कहा कि उनको जान से खतरा है। बीस सितंबर को हमारी आंखों के सामने हमारे मकान जलाए गए हैं। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों के सामने आग लगाई गई, लेकिन उन्होंने आग लगाने वालों को रोका तक नहीं। ऐसे में सुरक्षा के दावे हवा हवाई ही हैं।
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रंजिश चल रही है दोनों समुदाय में
गांव रांवर में रंजिशन बीस सितंबर देर शाम को गांव रांवर के बाइक सवार नरेंद्र शर्मा की हत्या कर दी गई और उसे दुघर्टना बना दिया गया। इस मामले में मधुबन थाना पुलिस ने वाल्मीकि समुदाय के ग्यारह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी निक्कू उर्फ गोली को गिरफ्तार कर लिया है। इसका पांच दिन के रिमांड पर चल रहा है। इससे पहले भी दोनों समुदाय में कई बार झगड़ा हो चुका है। जिनका केस कोर्ट में विचाराधीन है।

ब्राह्मण समुदाय ने की गिरफ्तारी की मांग
एसपी अभिषेक गर्ग से मिलने पहुंचे गांव रांवर स्थित ब्राह्मण समुदाय के तरुण शर्मा, पंडित मदनलाल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, परव, मुकेश शर्मा, दीपक शर्मा, कृष्ण लाल शर्मा, अमित कुमार, भीम, चंद्रभान शर्मा, जेके शर्मा, जगिंद्र, पारस गुड्डू, विरेंद्र ने बताया कि पुलिस मामले को गंभीर नहीं ले रही है। अभी तक एक ही हत्यारे को पकड़ा है। यदि पुलिस ने जल्द ही सभी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं की तो बिरादरी को इकट्ठा करके विरोध की रणनीति तय की जाएगी। परिजनों का कहना है कि नरेंद्र शर्मा की दुर्घटना के तहत हत्या की गई है, ताकि कानूनी रूप से दुर्घटना का केस चल सके। तरुण शर्मा ने कहा कि वारदात के दौरान वह मौके पर था और उसके चाचा नरेंद्र की गाड़ी रोककर हत्या की और फायर भी किए गए।  

वाल्मीकि समुदाय के लोगों की मांग
लघु सचिवालय में वाल्मीकि व दलित समाज से सैकड़ों लोग अलग-अलग जगह पर इकट्ठे हुए। विरोध जता रहे राजेश, रोहताश पहलवान, सुरेंद्र उपली, राजेंद्र वाल्मीकि, सुनील बसताड़ा, सुभाष भुंबक, अमित महमदपुर, रिंकू नलीपार सहित लोगों ने नरेंद्र की मौत पर दो मिनट का शोक व्यक्त किया। उन्होंने डीसी और एसपी से मांग की है कि दुर्घटना के मामले की सीबीआई से जांच करवाई जाए। वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने कहा कि आए दिन हमारा रास्ता रोका जा रहा है, इससे हमें जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी करनाल सब्जी मंडी में एक युवक की पिटाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वाल्मीकि और दलित समाज हरियाणा में विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

अन्याय नहीं होने देंगे, शांति बरतें
डीसी बलराज सिंह और एसपी अभिषेक गर्ग ने लोगों को समझाया कि गांव में भाईचारे के साथ रहो। सुरक्षा की दृष्टि से 24 घंटे गांव में पुलिस तैनात है। किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। मकान जलाए हैं और अन्य नुकसान हुआ है तो उसकी लिखित रूप से शिकायत करें। मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जाएगी। इसके अलावा कानून को हाथ में लेने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा। मकान जलाना जुर्म है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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