चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बायोमेट्रिक केवाईसी अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर तक बायोमेट्रिक केवाईसी न करवाने वाले लाभार्थियों की सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। विभाग ने अब तक 3.5 लाख सदस्यों में से लगभग 2.5 लाख लोगों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन अब भी एक लाख सदस्य इस प्रक्रिया से वंचित हैं। इन्हें 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभ लेने वाले सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी किया जाना अनिवार्य है। शहर में कुल करीब 84 हजार राशन कार्डधारक हैं, जिनमें करीब साढ़े तीन लाख सदस्य हैं। इनमें से करीब ढाई लाख सदस्यों की ई-केवाईसी की जा चुकी है, लेकिन एक लाख सदस्य अभी तक सामने नहीं आए हैं। विभाग की तरफ से टेलीकॉलिंग भी की जा रही है ताकि उनकी केवाईसी पूरी की जा सके। हालांकि कई लोग सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसे में विभाग ने 31 दिसंबर तक का आखिरी समय दिया है। तब तक जिनका ई-केवाईसी नहीं होगा, उनकी फूड सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। फिलहाल के लिए यह अस्थायी होगी। जब भी वह ई-केवाईसी कराएंगे, उनकी फूड सब्सिडी शुरू कर दी जाएगी। लेकिन लंबे समय तक ई-केवाईसी नहीं करवाने पर स्थायी रूप से भी फूड सब्सिडी बंद की जा सकती है।
खाद्य विभाग के दफ्तर में भी चलाए जा रहे हैं दो काउंटर
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार केवाईसी का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी का सही लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। बायोमेट्रिक सत्यापन से फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि सब्सिडी का लाभ केवल उन लोगों को मिले जो वास्तव में इसके हकदार हैं। ई-केवाईसी के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में 14-15 कैंप लगाए जा रहे हैं। खाद्य विभाग के सभी इंस्पेक्टर इन कामों में लगे हुए हैं। यह कैंप मनीमाजरा, मौलीजागरां, सेक्टर-41, 45, धनास, 56, 42, 38, 38 वेस्ट, खुड्डा जस्सू, 33, 26, मलोया, डड्डूमाजरा और राम दरबार समेत अन्य जगहों पर चल रहे हैं। इसके अलावा सेक्टर-17 स्थित खाद्य व आपूर्ति विभाग के दफ्तर में भी दो काउंटर चलाए जा रहे हैं, जहां ई-केवाईसी करवाई जा सकती है।