रॉबर्ट वाड्रा लैंड डील को कैंसल कर सुर्खियों में आए सीनियर आईएएस अशोक खेमका अब हरियाणा की खट्टर सरकार को भी खटक गए हैं। सत्ता में आते ही उन्हें मुख्यधारा में लाने वाली हरियाणा सरकार ने उन्हें इतने कम समय में ही साइड लाइन कर दिया है। खेमका का 24 सालों में यह 46वां तबादला है। उन्हें परिवहन आयुक्त जैसे अहम पद से हटाकर कम महत्व वाले पुरातत्व व संग्रहालय विभाग में डीजी और सचिव लगाया गया है।
खेमका का नाम देर शाम जारी हुई 9 आईएएस अफसरों व एक एचसीएस अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट में शामिल है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, खेमका का पहले भी कार्यकाल काफी विवादों से भरा रहा।
उनकी पहली पोस्टिंग सन 1993 में हुई थी। उनके पूरे कार्यकाल में उनकी अधिकतर पोस्टिंग कुछ महीने ही चलीं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग विभागों में 8 पोस्ट ऐसी संभालीं, जोकि महीने भर या उससे भी कम समय के लिए थीं।
संयोग से, उनकी 44 में से 12 पोस्टिंग ऐसे विभागों में हुई जहां उन्हें जमीनी कामकाज में डील करना था। जहां भूमि के अधिग्रहण से लेकर उसके रेकॉर्ड, रेवेन्यू और विकास तक की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी।
मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल की एग्जेक्युटिव रेकॉर्ड शीट (ईआरएस) में दर्ज जानकारी के मुताबिक, खेमका ने केवल दो ही ऐसी पोस्टिंग संभाली हैं जो एक साल से ज्यादा समय तक रही हों। 2005-06 में यह उनका पहला कार्यकाल था जब उन्होंने शहरी विकास विभाग में बतौर मुख्य प्रबंधक डेढ़ साल के लिए काम किया। खेमका ने उद्योग विभाग में 2008 से 2010 के बीच, यानी एक साल 10 महीने तक प्रबंध निदेशक के तौर पर काम किया।