बेबाक आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। खेमका ने ट्वीट करके सरकार पर निशाना साधा है। एडवोकेट जनरल कार्यालय में नियुक्तियों को लेकर उनके ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
रविवार सुबह किए ट्वीट में खेमका ने लिखा है कि गुड गवर्नेंस तब प्रभावित होती है, जब कम अनुभवी और गुणवत्ता वाले एडवोकेट को एजी कार्यालय में तैनाती दे दी जाए। उनके इन शब्दों से साफ है कि हाईकोर्ट में हर मामले में सरकार अपने कानूनी सलाहकारों और अधिवक्ताओं की फौज के कारण मात खा रही है। चूंकि, उन्हें सरकार के केस लड़ने का उतना अनुभव नहीं है, जितना होना चाहिए।
यही कारण है कि हरियाणा सरकार की ओर से की जा रही अधिकांश विभागों की भर्तियां हाईकोर्ट में कानूनी पचड़े में फंसी हुई हैं। सरकार कोई भी बड़ी भर्ती अब तक नहीं कर पाई है। हर भर्ती को कोर्ट में चुनौती मिलने से सरकार की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि विभागों में बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के पद खाली पड़े हुए हैं।