26 साल से आईएएस अफसर हैं और 51 बार तबादले की मार झेल चुके हैं अशोक खेमका। वहीं इस बार ट्रांसफर की वजह भी खुलकर सामने आई है।
सरकार ने इस बार खेमका को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से हटाकर खेल एवं युवा मामले विभाग का प्रधान सचिव लगाया है और तबादले की वजह ये कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में खेमका की सक्रियता सरकार को रास नहीं आई।
खेमका विभाग में लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार की परतें खोलना शुरू कर चुके थे, अगर और कुछ समय विभाग में रहते तो बड़ी मछलियां बेनकाब हो सकती थीं। खेमका के खुलासों की आंच सीधे सरकार पर आने की भी संभावना थी। विभाग की सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग होने का मामला खेमका पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार खेमका सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नशा मुक्ति केंद्रों में चल रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने वाले थे, साथ ही बिना पद के हैल्परों की नियुक्तियों का कच्चा चिट्ठा भी उनके हाथ लग गया था। इन मामलों में ठोस सबूत मिलने के बाद खेमका अब कोई बड़ा खुलासा करते इससे पहले ही उन्हें विभाग से ही चलता कर दिया गया।