फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो इस वजह से किया गया IAS अशोक खेमका का 51वां तबादला

Mon, 13 Nov 2017 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
आईएएस अशोक खेमका
विज्ञापन
26 साल से आईएएस अफसर हैं और 51 बार तबादले की मार झेल चुके हैं अशोक खेमका। वहीं इस बार ट्रांसफर की वजह भी खुलकर सामने आई है।
विज्ञापन


सरकार ने इस बार खेमका को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से हटाकर खेल एवं युवा मामले विभाग का प्रधान सचिव लगाया है और तबादले की वजह ये कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में खेमका की सक्रियता सरकार को रास नहीं आई।

खेमका विभाग में लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार की परतें खोलना शुरू कर चुके थे, अगर और कुछ समय विभाग में रहते तो बड़ी मछलियां बेनकाब हो सकती थीं। खेमका के खुलासों की आंच सीधे सरकार पर आने की भी संभावना थी। विभाग की सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग होने का मामला खेमका पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार खेमका सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नशा मुक्ति केंद्रों में चल रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने वाले थे, साथ ही बिना पद के हैल्परों की नियुक्तियों का कच्चा चिट्ठा भी उनके हाथ लग गया था। इन मामलों में ठोस सबूत मिलने के बाद खेमका अब कोई बड़ा खुलासा करते इससे पहले ही उन्हें विभाग से ही चलता कर दिया गया।
विज्ञापन

अनिल विज के विभाग का जिम्मा संभालेंगे खेमका

आईएएस अशोक खेमका
गौरतलब है कि सरकार ने रविवार देर शाम खेमका सहित 13 आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति एवं तबादला आदेश जारी किए। खेमका अब खेल मंत्री अनिल विज के विभाग का जिम्मा संभालने जा रहे हैं। विज पहले ही खेमका के मुरीद हैं और अनेक बार उनकी ईमानदारी की तारीफ कर चुके हैं। अब दोनों का एक साथ काम करने का अनुभव कैसा रहेगा, यह भविष्य के गर्भ में है।

खेमका ने ट्वीट में बयां किया तबादले का दर्द
आईएएस अशोक खेमका ने 51वां तबादला होने के बाद ट्वीट के जरिए मन की टीस उजागर की है। खेमका ने तबादला आदेश जारी होने के बाद आठ बजकर 13 मिनट पर ट्वीट किया। उसमें खेमका ने लिखा कि अनेक काम प्लान किए थे। एक और तबादले की खबर आ गई। अवतरण एक बार फिर धमाकेदार रहा। निहित स्वार्थ जीत गए।

पूर्वानुभव, लेकिन यह अस्थायी है। नए जोश और ऊर्जा के साथ नई शुरूआत करूंगा। सूत्रों के अनुसार खेमका सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नशा मुक्ति केंद्रों में चल रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने वाले थे, साथ ही बिना पद के हैल्परों की नियुक्तियों का कच्चा चिट्ठा भी उनके हाथ लग गया था। इससे पहले कि वह बड़ा खुलासा करता, उन्हें विभाग से ही चलता कर दिया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें