चंडीगढ़। बस हमारी बच्ची मिल जाए, हम कुछ नहीं चाहते...। यह गुहार थी उस मां की, जो उत्तर प्रदेश के संभल जिले से अपने पति के साथ नाबालिग बेटी की तलाश में चंडीगढ़ तक आ पहुंची थी। न यूपी पुलिस ने उन्हें गंभीरता से सुना, न ही चंडीगढ़ में कोई दर खुला।
लेकिन अब अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। खुद एसएसपी कंवरदीप कौर ने दंपती को बुलाकर मुलाकात की और उनकी शिकायत पर सेक्टर-3 थाना पुलिस को जांच के आदेश दे दिए।
13 दिन की दौड़, सिस्टम की बेरुखी, फिर एक उम्मीद: रामवती और उनके पति 26 जून से अपनी नाबालिग बेटी की तलाश कर रहे हैं, जो घर से लापता हो गई थी। आरोप है कि एक युवक उसे बहला-फुसलाकर चंडीगढ़ ले आया। बेटी के साथ परिवार की मेहनत की कमाई 30 हजार रुपये नकद, सोने के कुंडल, चांदी के जेवर और मोबाइल भी था। परिवार ने यूपी के थाना असमोली अंतर्गत मनहं पुलिस चौकी में शिकायत दी, लेकिन न एफआईआर हुई, न कोई कार्रवाई। थक-हारकर दंपती चंडीगढ़ पहुंचे और सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। लेकिन वहां भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। मौजूद पुलिसकर्मी ने शिकायत लेने से मना कर दिया और कहा कि मामला यूपी का है, जब तक वहां से शिकायत ‘’मार्क’’ नहीं होगी, चंडीगढ़ पुलिस कुछ नहीं कर सकती। दंपती की एसएसपी से मुलाकात भी नहीं करवाई गई।