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एक जज्बा लेकर मैं सीमा पर आया हूं

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ अर्बन फेस्टिवल के अंतर्गत रोटरी क्लब और हिंदी उर्दू साहित्य संघ ने वेलेंटाइन डे के मौके पर मुशायरे का आयोजन किया। इस मौके पर चंडीगढ़ के युवा शायरों ने अपनी बेहतरीन शायरी और गजलें पेश कीं। चंडीगढ़ टूरिज्म इनफारमेशन सेंटर में आयोजित इस मुशायरे में इम्तियाज अली अदब, अमन दीप सिंह अमन, शमशेर साहिल, संतोष सोनी, रामकुमार, नवीन कुमार, आदित्य शर्मा, राशि श्रीवास्तव ने प्रतिभागिता की।
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इस मौके पर हिंदी उर्दू साहित्य संघ की अध्यक्ष और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शीला गहलावत सीरत ने आओ...पौधा नेह भरा हम आज लगाएं, पेड़ बड़ा हो जाएगा तो साया होगा.. सुनाया। आदित्य शर्मा ने शेर सुनाया अपनी खामोशी को अंदर रखना था यानी खुद में एक समंदर रखना था, तुझको गुमसुम कर देने की ख्वाहिश थी अपने लब को तेरे लब पर रखना था। इसके बाद इम्तियाज अली अदब ने सीने में एक जज्बा लेकर मैं सीमा पर आया हूं, रिश्ते नाते प्यार मोहब्बत छोड़ के पीछे आया हूं.. सुनाकर कर सभी को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इसके बाद उन्होंने सुनाया हम चरागों से जले हैं, रोशनी के वास्ते, नाबिना तक हो गए, उसकी खुशी के वास्ते। अमनदीप सिंह अमन ने गरीबी किताबें यही है वसीयत, तुझे इश्क है..तो बड़े शौक से आ.. सुनाकर सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने सुनाया कहता रहा मुझको खुदा कुछ मांग ले उसके सिवा। ये आसमां सारी जमीं था सब मिला, बस तुम नहीं। शमशेर साहिल ने कितनी जहीन बस्तियों में है हमारे घर, ये घर नहीं समझ रहा उस घर की बेबसी.. सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया।
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