पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपनी तरह का एक अलग ही मामला पहुंचा, जिसमें पति ने पत्नी के लिंग की जांच कराए जाने की मांग की है। याची ने पत्नी को किन्नर बताते हुए यह जांच कराने के आदेश जारी करने की हाईकोर्ट से अपील की है। लेकिन हाईकोर्ट ने इनकार करते हुए कहा कि केवल कह देने भर से जांच के लिए आदेश का आवश्यक आधार नहीं बनता।
इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने पति की याचिका खारिज कर दी। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका विवाह 2015 में हुआ था और वह विवाह के एक माह बाद वह ब्रिटेन चला गया। इसके बाद से ही लगातार पत्नी और उसके घर वाले याची पर पत्नी को ब्रिटेन ले जाने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद जब वह पत्नी से मिला तो उसके साथ संबंध बनाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी न किसी तरह से उसे टालने लगी।
इस बीच जब उसके परिजनों से बात की गई तो उन्होंने शर्म होने की बात कहते हुए कुछ दिन और निकाल दिए। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो याची ने पत्नी को मेडिकल टेस्ट करवाने को कहा। इस दौरान उसका अल्ट्रासाउंड होना था, लेकिन पत्नी ने वह कराने से भी इनकार कर दिया। इस बीच पत्नी ने दहेज और घरेलू हिंसा का केस डाल दिया। याची ने भी पत्नी से तलाक के लिए केस दाखिल कर दिया है।