फिरोजपुर सिविल अस्पताल में निगेटिव आने के बाद अस्पताल से छुट्टी न देने पर कोरोना मरीजों ने शुक्रवार सुबह भूख हड़ताल कर दी। गुरुवार को लगभग 29 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी लेकिन छुट्टी देने की बात पर पूरा दिन निकाल दिया। शुक्रवार को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 42 मरीजों ने सुबह जिला प्रशासन की तरफ से आने वाला भोजन लेने से इंकार कर दिया और अस्पताल के कमरों के दरवाजे बंद कर वाहे गुरु का जाप करने लगे।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद 39 मरीजों को सर्टिफिकेट देकर अस्पताल से विदा किया गया। घर लौट रहे कोरोना मरीजों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 42 मरीजों में से 33 मरीजों के सैंपल लेकर फरीदकोट मेडिकल कॉलेज भेजे थे।
गुरुवार को करीब 29 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उक्त मरीज छुट्टी मांगने लगे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार का पूरा दिन गुजार दिया। इसी बात पर मरीज नाराज थे कि यदि शुक्रवार भी छुट्टी नहीं दी तो सोमवार तक मामला चला जाएगा। डीसी कुलवंत सिंह का कहना है कि जिले में 44 पॉजिटिव थे। इनमें से एक ठीक हो चुका था और एक की मौत हो गई थी।
42 मरीजों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा था। इनमें 22 पुरुष, दस महिलाएं और सात बच्चे शामिल थे। अब 39 लोग ठीक हो चुके हैं, जिन्हें छुट्टी दे दी गई है। अब अस्पताल में तीन मरीज बचे हैं। एसएमओ अविनाश जिंदल ने बताया कि उक्त मरीजों के मोबाइल फोन में कोवा एप भी डाउनलोड किया गया है। जीपीएस ट्रैकर से इन्हें ट्रेस किया जाएगा। ये लोग रोजाना अपने स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ऐप पर देंगे। उक्त सभी मरीजों को मिठाई खिलाकर विदा किया है।