कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35-ए हटाए जाने के विरोध में रविवार को मोहाली से चंडीगढ़ तक निकाले जाने वाले रोष मार्च की अनुमति न मिलने की यहां पहुंचे कुछ लोगों ने निंदा की। रोष मार्च में शामिल होने पहुंचे इन लोगों ने मोहाली प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत करते हुए कश्मीर पर लिए गए फैसले को असांविधानिक बताया। इन लोगों का कहना था कि कश्मीर में हालात इमरजेंसी से भी बदतर हैं।
दिल्ली से आई मानवाधिकार कार्यकर्त्ता डॉ. नवशरन ने केंद्र सरकार पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ दो व्यक्ति इस समय न्यायपालिका व संविधान का दुरुपयोग कर पूरे देश पर मनमर्जी थोप रहे हैं। उन्होंने अपनी बात रखने के लिए जमा होने वाले लोगों पर पाबंदी लगाने पर पंजाब सरकार को भी मानवाधिकारों का विरोधी बताया।
नाटककार डॉ. साहिब सिंह ने कहा कि अगर सरकारें इसी तरह लोगों को अपनी बात कहने से रोकेंगी तो वह सरकारों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर गीत गाएंगे। शिक्षक नेता यशपाल ने कहा कि मोहाली प्रशासन उल्टी-सीधी दलीलें देकर रैली पर पाबंदी को जायज ठहरा रहा है।
तर्कशील नेता राम सरवन लक्खोवाली व मुंबई से आए हर्ष ठाकुर ने भी रैली में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। इन लोगों के अलावा जरनैल सिंह क्रांति, डॉ. मेघा सिंह व सतनाम सिंह दाऊं भी मौजूद थे।