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Chandigarh News: प्रदेश के 18 सेक्टरों के 30 हजार प्लाटधारकों को एचएसवीपी जारी करेगा इनहांसमेंट नोटिस

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नोटिसों में देरी का सम्पूर्ण ब्याज माफ करे सरकार- वत्स
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चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से प्रदेश के 18 सेक्टरों के लगभग 30 हजार प्लाटधारकों को इनहांसमेंट के नये डिमांड नोटिस जारी करने जा रहा है। इसको लेकर मुख्यालय पंचकूला की ओर से संबंधित संपदा अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। संपदा कार्यालय की ओर से इन सभी सेक्टरों के प्लाटधारकों को इनहांसमेंट के मेनुअली नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद इनहांसमेंट की डिमांड राशि आईटी विंग मुख्यालय पंचकूला की ओर से ऑनलाइन अलाॅटियों के खातों में अपडेट की जाएगी।
सात शहरों के 18 सेक्टरों को पूर्व में जारी किसी छूट की किसी भी सेटलमेंट स्कीम में शामिल नहीं किया था। हालांकि, एचएसवीपी की ओर से पिछले साल 2022 के मई-जून माह में इन सेक्टरों में इनहांसमेंट नोटिस जारी करने की प्रकिया शुरू की गई थी। इसमें एचएसवीपी की ओर से डिमांड राशि पर नियमों के विरुद्ध एकमुश्त 15 प्रतिशत का ब्याज लगाकर प्लाटधारकों को नोटिस जारी किए थे। बाद में ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के विरोध के बाद एचएसवीपी मुख्यालय की ओर से जारी सभी डिमांड नोटिस को वापस ले लिया गया। इसके एक साल बाद अब मुख्यालय की ओर से पुन: इन सेक्टरों में नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, राशि अपडेट से पहले संबंधित सेक्टरों के आरडब्ल्यूए का पक्ष सुनकर रिकैलकुलेशन की गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रखी गई।
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इन सेक्टरों में जारी होंगे इनहांसमेंट नोटिस
हिसार : सेक्टर- 4 पार्ट टू, सेक्टर-15ए, सेक्टर- 9 व 11, सेक्टर- 1, 4,
सिरसा: सेक्टर- 19 पार्ट वन-टू , सेक्टर-20
रेवाड़ी : सेक्टर- 3 पार्ट वन,
पलवल: सेक्टर- 12,
फरीदाबाद: सेक्टर- 56ए, 59 पार्ट टू, 77, 78, 20 ए, 20 बी,
बहादुरगढ़: सेक्टर- 2, सेक्टर- 9 व 9 ए,
गुरुग्राम: सेक्टर- 37सी, सेक्टर- 110




प्राधिकरण की लेटलतीफी का खामियाजा सेक्टरों के हजारों परिवार भुगतने को मजबूर हैं। जोनल कमेटी की ओर से इन सेक्टरों की रिकैलकुलेशन प्रकिया लगभग दो साल पहले ही पूरी कर ली थी। इसके बावजूद इस मामले को लगातार लटकाया गया। इस कारण इनहांसमेंट की मूल राशि पर ब्याज काफी बढ़ गया। रिकैलकुलेशन प्रकिया में देरी एचएसवीपी के कारण हुई है, लेकिन उसका भार प्लाटधारकों पर डाला जा रहा है, जो कि सरासर गलत है। सरकार से मांग है कि इन सभी सेक्टरों के प्लाटधारकों का नोटिसों में देरी का सम्पूर्ण ब्याज माफ किया जाए और नोटिफिकेशन के नियमानुसार डिमांड राशि पर घटी हुई ब्याज दरें लागू कर, सभी प्लाटधारकों को किश्तों में राशि भुगतान का अवसर दिया जाये।

- कुलदीप वत्स, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन।
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