पुलिस मुख्यालय में डीजीपी हरियाणा की अध्यक्षता में हुई 53वीं उच्च स्तरीय स्टेट एम्पॉवर्ड कमेटी की बैठक
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस लगातार हाईटैक हो रही है। करीब छह करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के सभी थानों के कंप्यूटर को अपग्रेड किया जाएगा। यह कार्य नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं जेलों, फॉरेंसिक, अदालतों और अभियोजन जैसे क्षेत्रों में आईसीजेएस के नोडल अधिकारियों के साथ नियमित बातचीत चल रही है। प्रदेश पुलिस की तकनीकी दक्षता बढ़ाने और डेटा की सुरक्षा के लिए, सीसीटीएनएस डेटाबेस को सितंबर तक मेघदूत प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया जाएगा।
यह जानकारी पुलिस मुख्यालय में डीजीपी शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में आयोजित हुई 53वीं उच्च स्तरीय स्टेट एम्पॉवर्ड कमेटी की बैठक में दी गई। बैठक में इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस)-सीसीटीएनएस, नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) और मापन संग्रह इकाइयों (एमसीयू) की स्थापना की प्रगति जैसे मुख्य मुद्दे पर चर्चा हुई। डीजीपी कपूर ने अत्याधुनिक आईटी तकनीकों का लाभ उठाने के लिए हरियाणा पुलिस की तैयारियों पर जोर दिया और नेफिस व सीसीटीएनएस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हारट्रोन, एनसीआरबी, एचपीई और जिलों के सभी पुलिस अधीक्षकों को बेहतर सामंजस्य स्थापित करते हुए कार्य करने के दिशा-निर्देश दिए।
हरियाणा में ई-सरल/हरसमय पोर्टल पर अब तक दो लाख 64 हज़ार से भी अधिक नागरिक सेवा आवेदन पूरे हो चुके हैं। प्रदेश पुलिस ने पिछले एक महीने में ई-सरल पोर्टल पर प्राप्त कुल 117 शिकायतों में से 113 का समाधान कर लिया है।
8711 के फिंगर प्रिंट का मिलान
एनसीआरबी की ओर से नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नेफिस) विकसित किया गया है, जिसकी मदद से अपराधियों को जल्द पकड़ने और आपराधिक मामलों को सुलझाने में मदद मिल रही है। इस वर्ष नेफिस सिस्टम की ओर से 33,867 फिंगर प्रिंट डेटा का दस्तावेजीकरण किया गया है। वहीं 8,711 से अधिक फिंगरप्रिंट का सफलतापूर्वक मिलान किया है और इस साल 11 लावारिस मृत शरीर की पहचान की है।