अब सिर्फ अंतिम चयनित अभ्यर्थियों का फाइनल रिजल्ट घोषित होना था। इसी रिजल्ट के लिए बैचेन आवेदक लगातार सरकार व आयोग से गुहार लगा रहे थे। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने इसके लिए हैशटैग अभियान छेड़ा हुआ था। ‘अमर उजाला’ ने चयनितों की आवाज बनते हुए इस मुद्दे को लगातार उठाया हुआ था।
नतीजतन अब आयोग ने ये फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। कुल 4798 पदों में से 1895 पद सामान्य, 747 पद एससी, 542 पद बीसीए, 350 बीसीबी, 391 पद आर्थिक पिछड़ों, 336 पद सामान्य एक्स सर्विसमैन, 108 पद एससी एक्स सर्विसमैन, 108 पद बीसीए एक्स सर्विसमैन, 125 पद बीसीबी एक्स सर्विसमैन, 44 पद ओएच वर्ग, 39 पद एचएच वर्ग, 34 पद वीएच पद व 19 पद ऑटिज्म वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
सिर्फ मेहनत करें, नौकरियों में भेदभाव का सवाल ही नहीं : भारती
क्लर्क पद की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने सभी चयनितों को शुभकामनाएं दी हैं। भारती ने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आयोग में भर्ती का ट्रेंड अब पूरी तरह बदल चुका है। मेरिट और पारदर्शिता ही अब आयोग की नई पहचान है। इसलिए नौकरी चाहिए तो युवाओं से यही आह्वान है कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, मेहनत करें और नौकरी के लिए आवेदन करें। हम विश्वास दिलाते हैं उनकी कड़ी मेहनत खराब नहीं जाएगी, क्योंकि भर्तियां अब मेरिट और पारदर्शिता के साथ ही होगी।
युवाओं को नौकरी उनकी काबिलियत के बूते मिली : मनोहर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट कर चयनित क्लर्कों को बधाई दी है। सीएम का कहना है कि ये नौकरी युवाओं को किसी ने नहीं दी, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और काबिलियत के बूते हासिल की है। ट्वीट में सीएम ने कहा कि 4798 चयनितों को शुभकामनाएं। हम पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के ध्येय को हम निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। हम भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लेकर आए हैं और मेहनती युवाओं ने अपनी लगन और योग्यता से यह नौकरी प्राप्त की है। सभी को मेरा आशीर्वाद।
यह नौकरी हमने नहीं दी: सीएम मनोहर लाल
वहीं दीपांशु नाम के एक ट्विटर यूजर ने सीएम मनोहर लाल को टैग कर लिखा कि 'मुझे और मेरे गरीब किसान परिवार को सरकारी नौकरी देने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी का धन्यवाद, आदरणीय आपकी साफ नियत के कारण ही हरियाणा में अब गरीब घरों में दिए जल रहे हैं घर रोशन हो रहे है। मुख्यमंत्री जी आपके चरणों में बार बार नमन। इसके बाद सीएम मनोहर लाल ने भी दीपांशु को जवाब देते हुए लिखा कि 'यह नौकरी हमने दी नहीं है, बल्कि मेहनती युवाओं ने अपनी योग्यता के आधार पर हासिल की है। हर घर ऐसे ही रोशन रहे, यही कामना करता हूं।