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चंडीगढ़ के बदहाल पार्क की वीरान कहानी, देखभाल न होने से जंगल में 'तब्दील'

Fri, 04 Sep 2020 02:05 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • आरडब्ल्यूए का आरोप- कई साल से पार्क में नहीं लगाए गए फूल या अन्य पौधे
  • पार्कों में बेंच और झूले तो हैं पर सफाई न होने से जाने से कतराते हैं लोग
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सेक्टर- 40 सी का बदहाल पार्क। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिटी ब्यूटीफुल के सुंदर पार्क यहां की पहचान है। एक समय था जब लोग चंडीगढ़ को उनके पार्कों की सुंदरता के कारण देखने आते थे लेकिन वर्तमान में पार्कों की ऐसी स्थिति है कि उनमें घास या तो हद से ज्यादा बड़ी है या फिर है ही नहीं। सेक्टर-40सी के पार्क देखने में जंगल या बंजर जमीन की तरह लगते हैं।

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सेक्टर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि कई सालों से यहां पर फूल और किसी भी तरह का पौधा नहीं लगाया गया। इनमें बैठने के लिए बेंच और बच्चों के खेलने के लिए झूले तो लगे हैं लेकिन साफ-सफाई न होने से इन पार्कों में जाने का मन ही नहीं करता। हर तरफ गंदगी फैली हुई है। हरियाली का नामोनिशान नहीं है। 

लाइटें कभी जलती है तो कभी नहीं
पार्क की लाइटों का इतना बुरा हाल है कि कभी लाइटें जलती है तो कभी नहीं। पार्कों की हालत ऐसी है कि अगर उसमें कोई बच्चा या बुजुर्ग गिर जाए तो उसे चोट लग सकती है। पार्क में बने ट्रैक भी बहुत पुराने हो चुके हैं। ऊबड़-खाबड़ होने के कारण कोई भी गिर सकता है। -विनोद राणा, सदस्य आरडब्ल्यूए

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पार्कों की नहीं हो रही सफाई

काफी महीनों से पार्कों की देखभाल के लिए बजट भी नहीं आ रहा है। ऐसे में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी कैसे पार्कों की देखभाल करेगी। पहले ही आरडब्ल्यूए बहुत से खर्चों खुद ही कर रही है। पार्कों में सफाई भी नहीं की जा रही। पूरे ही पार्कों में सूखे पत्ते बिखरे पड़े हैं। -विनय कुमार, आरडब्ल्यूए सदस्य 

शिकायत पर ही काटा जाता है घास

पार्कों के अलावा सेक्टर के खुले इलाके में घास बहुत बड़ी हो गई है। उसे शिकायत करने पर ही काटा जाता है। नगर निगम के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से समस्याओं का समाधान नहीं करते। इसके लिए उन्हें बार-बार याद दिलाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में तो हम और भी पिछड़ जाएंगे। - दलविंदर सिंह, सदस्य आरडब्ल्यूए 

लॉकडाउन के कारण नहीं की जा सकी देखभाल

पार्कों में सीवरेज लाइन डाली जानी थी। इस कारण आरडब्ल्यूए ने रखरखाव करने से मना कर दिया था। दूसरी तरफ कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने से पार्कों की देखभाल नहीं की जा सकी। बहुत जल्द इन पार्कों को दुरुस्त करके आरडब्ल्यूए को सौंप दिया जाएगा। - गुरबख्श रावत, पार्षद
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