काफी महीनों से पार्कों की देखभाल के लिए बजट भी नहीं आ रहा है। ऐसे में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी कैसे पार्कों की देखभाल करेगी। पहले ही आरडब्ल्यूए बहुत से खर्चों खुद ही कर रही है। पार्कों में सफाई भी नहीं की जा रही। पूरे ही पार्कों में सूखे पत्ते बिखरे पड़े हैं। -विनय कुमार, आरडब्ल्यूए सदस्य
शिकायत पर ही काटा जाता है घास
पार्कों के अलावा सेक्टर के खुले इलाके में घास बहुत बड़ी हो गई है। उसे शिकायत करने पर ही काटा जाता है। नगर निगम के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से समस्याओं का समाधान नहीं करते। इसके लिए उन्हें बार-बार याद दिलाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में तो हम और भी पिछड़ जाएंगे। - दलविंदर सिंह, सदस्य आरडब्ल्यूए
लॉकडाउन के कारण नहीं की जा सकी देखभाल
पार्कों में सीवरेज लाइन डाली जानी थी। इस कारण आरडब्ल्यूए ने रखरखाव करने से मना कर दिया था। दूसरी तरफ कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने से पार्कों की देखभाल नहीं की जा सकी। बहुत जल्द इन पार्कों को दुरुस्त करके आरडब्ल्यूए को सौंप दिया जाएगा। - गुरबख्श रावत, पार्षद