अकाल तख्त के हुक्मनामे पर अमृतसर की पंथक कांफ्रेंस रद्द होते ही हरियाणा के सिखों ने भी करनाल में 28 जुलाई को होने वाली कन्वेंशन रद्द कर दी है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पदाधिकारियों की घोषणा के साथ ही कमेटी की कार्यकारी समिति का भी गठन हो गया है।
एचएसजीएमसी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा सोमवार को सभी 41 सदस्यों के साथ हरिमंदिर साहिब अमृतसर माथा टेकने जाएंगे। सुबह 11 बजे माथा टेकने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
झींडा ने बताया कि कार्यकारी समिति ने तय किया है कि माथा टेकने के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ को पत्र लिखेंगे। साथ ही अकाल तख्त से भी गुजारिश करेंगे कि हरियाणा के गुरुघरों में बैठे एसजीपीसी के लोगों को वापस बुलाने के मामले में हस्तक्षेप किया जाए। हम अतिशीघ्र हरियाणा और पंजाब सरकार को अमृतसर जाने के संदर्भ में सूचित कर देंगे।
अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस के मुखिया को भी हम सूचित कर देंगे। 41 सदस्यों के अलावा हरियाणा से सिख संगत भी उनके साथ हरिमंदिर साहिब जाएगी। उन्होंने कहा कि अब हमारे बीच में कोई टकराव नहीं है। जो भी नई कमेटी बनती है वह हरिमंदिर साहब माथा टेकती है। हम उसी परंपरा को निभाएंगे।
झींडा ने कहा कि अब हमारी कमेटी एडहॉक नहीं रह गई है। डेढ़ साल तक जब तक चुनाव नहीं हो जाते, हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी कार्य करती रहेगी। जब एक्ट बन गया और मेंबर चुन लिए गए तो एडहॉक का कोई मतलब नहीं रह गया। हम कानूनी प्रावधान देखकर इस मामले में सरकार से बात करेंगे।