चंडीगढ़। डीएवी कॉलेज के बाहर गाड़ियों की सनरूफ से बाहर निकलकर जश्न मनाना एचएसए समर्थकों को भारी पड़ गया। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन पर डंडे बरसाए और थार गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। समर्थकों के मुताबिक डंडा लगने से करन नामक युवक के कान के पीछे सिर पर चोट लगी। उसका सेक्टर-16 अस्पताल में इलाज करवाया गया। एचएसए के उपाध्यक्ष बने आर्यन राणा ने बताया कि जश्न के दौरान पुलिस ने उनके दो साथियों को डंडों से पीटा। एक पुलिसकर्मी ने डंडा मारकर थार गाड़ी के तीनों शीशे तोड़ दिए। शीशा टूटने के बाद वही डंडा करन के सिर में जा लगा।
एसएचओ की गैर मौजूदगी में विवाद
अभिजीत नामक समर्थक ने बताया कि थार का शीशा तोड़ने के बाद पुलिसकर्मियों से लंबी बहस भी हुई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदतमीजी और गाली गलौज की। अभिजीत ने दावा किया कि वह चंडीगढ़ पुलिस के एक आईपीएस अफसर के पीए का छोटा भाई है। वहीं, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मारपीट के आरोपों से इन्कार किया। पुलिस का कहना है कि समर्थक गाड़ियों से बाहर निकलकर रैली निकाल रहे थे। ऐसे में ट्रैफिक बाधित हो रहा था। साथ ही हादसा होने का भी डर था। समर्थकों को गाड़ियों में बैठाने के लिए थोड़ी सख्ती की गई लेकिन मारपीट नहीं हुई।
घायल निकला आउटसाइडर
आर्यन राणा ने कहा कि करन डीएवी कॉलेज का छात्र नहीं है। वह उनकी जीत की खुशी में शामिल होने आया था। वह कॉलेज के बाहर ही मिला था। उसके सिर पर तीन से चार टांके आए हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि उस वक्त वह पिछली गाड़ी में थे, उनके साथ कोई बदतमीजी और मारपीट नहीं हुई। अभिजीत का कहना है कि घटना के दौरान कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था।