फुलका की बेटी एडवोकेट प्रभसहाय कौर
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े केसों की पैरवी अब एचएस फुलका नहीं करेंगे। बल्कि इसके लिए उन्होंने अपनी बेटी को जिम्मेवारी सौंपी है। फुलका ने बताया कि उनकी बेटी एडवोकेट प्रभसहाय कौर के नेतृत्व में वकीलों की टीम करेगी। फुलका शनिवार को दाखा में अपने दफ्तर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 1984 सिख दंगा पीड़ितों का सुप्रीम कोर्ट में चल रहा केस अब मेरी बेटी एडवोकेट प्रभ सहाय कौर देखेगी,
क्योंकि हलका दाखा से मुझे पब्लिक ने अपना विधायक चुना है। इसलिए अदालत में खुद केस की पैरवी नहीं कर सकता हैं, लेकिन मेरी बेटी और पूरी टीम इस केस आखिरी पड़ाव तक लड़ेगी। केस को लेकर मैं खुद इन्हें गाइड करूंगा। विस चुनाव के बाद हलका दाखा से आम आदमी पार्टी विधायक एडवोकेट एचएस फूलका ने यह खुलासा किया। वह रविवार को चुनाव जीतने के बाद पहली बार प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
सत्ता में आने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा वीवीआईपी कल्चर खत्म करने सहित अन्य फैसलों पर एडवोकेट फूलका का कहना था कि उनकी पार्टी हार कर भी जीत गई है, क्योंकि जो फैसले उनकी पार्टी पब्लिक हित में लेना चाहती थी। वही फैसले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लिए हैं। पंजाब में चिट्टा खत्म करने और एसवाईएल के मुद्दे पर उनकी पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ हैं।
फूलका ने कहा कि लुधियाना निगम चुनाव के दौरान उनकी पार्टी और मेहनत से लड़ेगी। फूलका के अनुसार पंजाब में प्राइवेट स्कूलों ने लूट मचा रखी है, रीएडमिशन, किताबों और अन्य फंड के नाम पर लूटा जा रहा है। पब्लिक को इस लूट से बचाने के लिए कांग्रेस सरकार को फैसला लेना होगा, जैसा हमारी पार्टी ने दिल्ली में लिया हैं।