पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि शंकर झा ने सोमवार को जस्टिस एचएस बराड़ को हाईकोर्ट के अतिरिक्त जज के तौर पर पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने अपना काम संभाला लिया। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की संख्या 66 हो गई है।
इससे पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नौ जिला एवं सत्र न्यायाधीश व दो वकीलों को जज बनाने के लिए सिफारिश की थी। हाईकोर्ट से भेजे गए इन नामों को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भेज दिया था। नवंबर 2022 में न्यायाधिकारी गुरबीर सिंह, दीपक गुप्ता, अमरजोत भट्टी, मनीषा बत्रा, हरप्रीत कौर जीवन, सुखविंदर कौर, संजीव बेरी, विक्रम अग्रवाल और ऋतु टैगोर को प्रमोशन देकर तो वहीं एडवोकेट कुलदीप तिवारी को भी एलोवेट कर जज बनाया गया था। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट हरप्रीत सिंह बराड़ की नियुक्ति की भी सिफारिश की थी लेकिन उनकी नियुक्ति पर राष्ट्रपति ने मुहर नहीं लगाई थी।
इसके बाद उनके नाम पर दोबारा विचार करने के लिए हाईकोर्ट भेज दिया गया था। हाईकोर्ट की कमेटी ने फिर से उनके नाम की सिफारिश की थी और इस बार उनके नाम पर राष्ट्रपति ने मुहर लगाते हुए मंजूरी दे दी। सोमवार को उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। नवनियुक्त जज दो वर्ष तक अतिरिक्त जज के तौर पर कार्य करेंगे और इसके बाद सेवा संतुष्टी की स्थिति में इन्हें नियमित कर दिया जाएगा।
नियुक्यिों के बाद भी 19 पद रिक्त
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अब तक जजों के स्वीकृत पद 85 हैं। नवंबर माह तक कोर्ट में 56 जज कार्यरत थे और तब 10 जजों को शपथ दिलाई गई थी। इस शपथ ग्रहण के साथ ही हाईकोर्ट में जजों की संख्या 66 पहुंच गई थी। इसी बीच एक जज के रिटायर होने और अब जस्टिस बराड़ के शपथ ग्रहण के साथ ही आंकड़ा फिर से वहीं पर पहुंच गया है। हाईकोर्ट के इतिहास में 66 जजों का आंकड़ा सबसे अधिक है, हालांकि इसके बावजूद जजों के 19 पद खाली हैं।