सुखना में पानी डालने के लिए जो पाइप लाइन बिछाई गई है उससे लेक का जलस्तर सुधरने की संभावना नजर नहीं आ रही। जब 16 इंच की पाइप बिछाई गई थी तो दावा किया गया था कि उससे 12 इंच पानी की धार से प्रतिदिन 15 लाख लीटर पानी सुखना में जाएगा।
लेकिन वर्तमान में पाइप से मात्र 4 से 6 इंच की धार निकल रही है। सुखना लेक में सरकारी दावे का आधा पानी भी नहीं जा रहा है। ऐसे तो कई महीनों में भी 6 इंच जलस्तर नहीं बढ़ेगा।
वैसे भी मार्च में गर्मियां शुरू होने तक इस पाइप लाइन से पानी सुखना में डाला जाना है। गर्मियों में यहां सप्लाई बंद कर शहर को दी जानी है। शुरुआत से अब तक पाइप से पानी का प्रेशर दावे के विपरीत कई बार कम जरूर हुआ है।
शुक्रवार को जितना पानी पाइप से सुखना में गिर रहा था। उसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था कि यह सात ट्यूबवेलों का पानी है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने पाइप लाइन बिछाने के बाद 16 जनवरी को सांसद किरण खेर और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एके मित्तल से नारियल तुड़वाकर इस पाइप लाइन से पानी की शुरुआत करवाई थी।