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नवरात्र में कैसा हो आहार... जानिए विशेषज्ञों से

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चंडीगढ़। व्रत का भारतीय परंपरा में विशेष महत्व है। महा ऋषियों ने वर्ष में दो बार ऋतु परिवर्तन के समय नवरात्र घोषित किए, ताकि लोग उपवास रखकर स्वास्थ्य लाभ ले सकें। यह कहना है गांधी स्मारक भवन के प्राकृतिक चिकित्सा समिति के सचिव डॉ. देवराज त्यागी का। उन्होंने कहा कि नवरात्र में उपवास कल्याणकारी मार्ग की ओर अग्रसर करता है।
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नवरात्र में हल्का खाना खाना चाहिए। व्रत का मतलब यह नहीं कि अन्न छोड़कर हर चीज खाते रहें। हर चीज में संयम बरतना चाहिए। उपवास का मतलब है प्रभु के पास। व्रत में रसदार फलों को दिन में 4-5 बार थोड़ा-थोड़ा कर लिया जा सकता है। इससे खून में शर्करा का स्तर सही रहेगा। व्रत में शरीर का पानी कम हो जाता है, इसलिए बार-बार पानी पीते रहें। पानी में नींबू और शहद भी मिला कर ले सकते हैं। इससे ज्यादा ऊर्जा मिलेगी। शरीर को पूरा पोषण मिले, इसके लिए दूध व दही भी ले सकते हैं। सिंघाड़े के आटे की रोटी बना कर खा सकते हैं। काजू, बादाम, किशमिश, मूंगफली दाना भी दिन में एक बार ले सकते हैं।
व्रत में खाली पेट न रहें
नवरात्र में अनाज नहीं खाना है तो विकल्प के रूप में कुट्टू या सिंघाड़े के आटे का प्रयोग कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन, आयरन और भरपूर कैलोरी मिलती है। दिन में थोड़ी-थोड़ी देर के बाद खाते रहें। इसमें फल और सलाद भी ले सकते हैं। नारियल पानी भी पीया जा सकता है। दाल के बदले पनीर का प्रयोग करें। खाली पेट न रहें। ऐसा भी न हो कि पूरा दिन उपवास रखें और शाम को तला हुआ खाना लें, जिससे गैस बन सकती है। दूध या उससे बनी चीजें जैसे लस्सी, दही खा सकते हैं। उबला आलू, शकरकंदी भी खाई जा सकती है। शकरकंदी में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है जो सेहत के लिए बहुत अच्छी है। बनाना शेक या एपल शेक भी ले सकते हैं। बिना नमक के फीकी लस्सी ले सकते हैं।
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-मनीषा अरोड़ा, आहार विशेषज्ञ, जीएमएसएच-16
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