कट्टरपंथी व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के चाचा और ड्राइवर ने जालंधर देहात के महितपुर इलाके में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उसके चाचा को असम भेज दिया गया है। अमृतसर देहात के एसएसपी सतिंदर सिंह व जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) स्वर्णदीप सिंह ने रविवार आधी रात को दोनों को गिरफ्तार कर लिया और मर्सिडीज कार को बरामद कर लिया है।
एसएसपी स्वर्णदीप सिंह ने सोमवार को बताया कि अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह और ड्राइवर हरप्रीत सिंह ने रविवार को आधी रात के बाद लगभग साढ़े 12 बजे मेहतपुर इलाके में गुरुद्वारा बुलंदपुरी के पास आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। चाचा हरजीत सिंह को असम भेजा गया है, जबकि चालक हरप्रीत सिंह पुलिस हिरासत में है। 18 मार्च को दोपहर में जालंधर-मोगा नेशनल हाईवे पर कमालके गांव के पास नाके को देखकर अमृतपाल अपनी मर्सिडीज में फरार हो गया था, जिसको उसका चाचा हरजीत सिंह चला रहा था।
पुलिस के मुताबिक, काफिले में अमृतपाल की गाड़ी तीसरे नंबर पर थी जबकि उसकी गाड़ी हमेशा दूसरे नंबर पर ही चलती थी। कमालके गांव के नाके पर पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों ने जैसे ही काफिले में सबसे आगे आ रही दो गाड़ियों को रोका तो उनके लगभग 50 मीटर पीछे आ रहे अमृतपाल ने उन्हें देख लिया। उसने तुरंत अपने ड्राइवर से गाड़ी घुमाने को कहा। इसके बाद अमृतपाल का ड्राइवर गाड़ी मोड़कर हाईवे पर गलत साइड से ही भाग निकला। हाईवे पर कुछ दूर जाने के बाद अमृतपाल की गाड़ी लिंक रोड पर मुड़ गई। आगे अमृतपाल सिंह मर्सिडीज कार से निकलकर अन्य कार में सवार हो गया। जबकि पुलिस का घेरा देख हरजीत सिंह व हरप्रीत सिंह पास के ही एक घर में छिप गए।
पुरानी मर्सिडीज गाड़ी को अमृतपाल के एक समर्थक ने हरियाणा के एक व्यापारी से खरीदकर दी थी। हालांकि पुलिस कह चुकी है कि यह गाड़ी अभी ट्रांसफर नहीं हुई है। हरियाणा के व्यापारी से इस गाड़ी को खरीदने वाला रवैल सिंह ड्रग स्मगलिंग के आरोप में पकड़ा भी जा चुका है। पुलिस ड्रग कनेक्शन को लेकर भी जांच में जुट गई है। हरजीत सिंह के पास से एक पिस्तौल मिला है, जो लाइसेंसी है। पुलिस उसकी भी तफ्तीश कर रही है।