हरियाणा में फ्लैटों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले उपभोक्ताओं को नए साल के शुरूआत में बिजली का झटका लगेगा।
जो फ्लैट मालिक 801 से ज्यादा यूनिट महीने खर्च करेंगे, उन्हें 80 रुपये प्रति किलोवाट फिक्सड चार्जेज भी देने होंगे। यह आदेश हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने 17 दिसंबर को जारी किया है।
आयोग ने अपने 30 मार्च, 2013 के आदेश में यह संशोधन किया है। आयोग के अध्यक्ष आरएन पराशर और सदस्य रोहताश दहिया ने जारी आदेश में लिखा है कि 30 मार्च के आदेश में कुछ गलतियां रह गई थीं।
ये गलतियां आयोग के ध्यान में अब आई हैं। इसलिए संशोधित आदेश जारी किया गया है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए थोक सप्लाई की बिजली दरों के आदेश में क्लेरिकल गलती रह गई थी जिससे यह आभास हो रहा था कि उन थोक सप्लाई उपभोक्ताओं पर 80 रुपये प्रति किलोवाट फिक्सड चार्जेज नहीं लगेंगे जो 801 से ज्यादा यूनिटें एक महीने में खर्च करेंगे जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं था। यह चार्जेज उन पर भी लगेगा।
आयोग ने साफ किया है कि 70 किलोवाट या ज्यादा लोड पर 11 केवी या इससे बड़ी लाइन पर घरेलू थोक सप्लाई वाले उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक वाले फ्लैट या डवेलिंग यूनिटों पर 4.20 रुपये प्रति यूनिट, 401 से 800 तक यूनिट वालों को 4.60 रुपये प्रति यूनिट और 801 से ज्यादा यूनिट वालों को 5.10 रुपये प्रति यूनिट बिजली बिल भरना होगा।
इसके अलावा बिजली बिल में सब उपभोक्ताओं पर 80 रुपये प्रति किलोवाट लोड के हिसाब से फिक्सड चार्ज भी देना होगा।
गौरतलब है कि बिजली निगमों का दबाव है कि ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियां एक सिंगल कनेक्शन (थोक सप्लाई कनेक्शन) लें। इसका ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के फ्लैट मालिक विरोध कर रहे हैं।